Sidhu MooseWala : कौन है लॉरेंस बिश्नोई गैंग का विरोधी गैंग? आर्मेनिया में सरगना, हिंदुस्तान में 300 शूटर

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Sidhu Moose Wala Case: मोगा जिले के बंबिहा गांव में जन्में दविंदर बंबीहा (Bambiha) का असली नाम दविंदर सिंह सिद्धू था। जुर्म (Crime) की दुनिया में आने से पहले वह एक लोकप्रिय कबड्डी (Wrestler) खिलाड़ी हुआ करता था। साल 2010 में, जब वह कॉलेज में ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था, तब उसका नाम एक क़त्ल (Murder) के मामले में सामने आया था।

यह वारदात उसके गांव में दो समूहों में हाथापाई के बीच हुई थी। हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार (Arrest) कर जेल भेज दिया गया, जिसके बाद वो जेल में कई गैंगस्टरों (Gangsters) के संपर्क में आया और फिर ख़तरनाक शार्प शूटर (Shooter) बन गया। 9 सितंबर, 2016 को बठिंडा जिले के रामपुरा के पास गिल कलां में 26 वर्षीय दविंदर बंबीहा को एक मुठभेड़ (Encounter) में पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने मार गिराया था।

बंबीहा के एंकाउंटर के बाद इस गैंग की कमान सम्भालने लगा गौरव उर्फ़ लकी पटियाल। धनास चंडीगढ़ का रहने वाला लकी बंबीहा गैंग चलाने वालों में लकी गौरव पटियाल पंजाब का बड़ा Gangster है जो पहले क़त्ल, क़त्ल की कोशिश और Extortion जैसे मामले में जेल में बंद था और फिर आर्मेनिया भाग गया था। जबकि दूसरा गैंस्टर मोगा जिले के कुसा गांव का रहने वाला सुखप्रीत सिंह बुडाह हैं, जो अभी भी संगरूर जेल में बंद हैं।

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हाल ही में जालंधर में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप नांगल अंबिया की हत्या को भी बंबिहा गैंग ने ही अंजाम दिया था। इस गैंग ने दिल्ली हरियाणा के गैंगस्टर और लॉरन्स के धुर विरोधी सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया व नीरज बवाना गिरोह से हाथ मिला कर दिल्ली-एनसीआर में अपना नेटवर्क मजबूत कर लिया।

बताया जाता है की लकी पाटियाल गैंग में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 300 से ज़्यादा शूटर शामिल हैं। लकी कई सालों से आर्मेनिया में बैठकर गिरोह चला रहा है। पंजाब पुलिस चार सालों से उसे प्रत्यर्पण पर भारत लाने में जुटी हुई है। हाल ही में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस ने कई राज्यों में छापा मार पंजाब व हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर लकी पटियाल व कौशल गिरोह के 12 कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार बदमाशों में आठ पर दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान पुलिस ने इनाम घोषित है।

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Lawrence Bishnoi Story : October 2020 में चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र स्थित वेव मॉल के बाहर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया था। पुलिस अफ़सरों के मुताबिक़ गुरलाल की हत्या की साजिश विदेश में रह रहे गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लक्की ने रची थी और शूटरों को पंजाब की जेल में बंद गैंगस्टर दिलप्रीत उर्फ बावा ने हथियार मुहैया करवाए थे।

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07 अगस्त 2021 को मोहाली के सेक्टर 71 बाजार में एक प्रापर्टी डीलर की दुकान के सामने विक्रमजीत सिंह उर्फ ​​विक्की मिड्दुखेड़ा की हत्या आर्मेनिया के दविंदर बंबिहा गिरोह को चलाने वाले गौरव पटियाल उर्फ ​​लकी से जुड़ी है। विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या के बाद दविंदर बंबिहा गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली थी।

पुलिस जाँच के दौरान पता चला कि गुरुग्राम जिले के नाहरपुर रूपा गांव निवासी कौशल चौधरी जो अब करनाल जेल में बंद है उसने लकी पटियल की मदद के लिए अपने गिरोह के भगोड़े सदस्यों के साथ मिलकर इस साज़िश को अंजाम दिया था। दरअसल गौरव पटियाल उर्फ ​​लकी ने ही मंडोली जेल में बंद कौशल चौधरी और अमित डागर की मदद से विक्की मिड्दुखेड़ा के क़त्ल की साजिश रची थी। जिसके बाद अमित डागर के आदेश पर हरियाणा के झज्जर के सज्जन भोलू और दिल्ली के अनिल कुमार ने मिद्दुखेड़ा का पीछा कर गोली मारकर हत्या कर दी थी।

दरअसल म्यूजिक इंडस्ट्री में वर्चस्व की जंग ने विक्की मिड्‌डूखेड़ा की जान ले ली। जानकारी के मुताबिक़ विक्की मिद्दुखेड़ा ( Vicky Middukheda) एक ऐसा शख़्स था जिसका पंजाब संगीत जगत में ज़बरदस्त दबदबा था इसीलिए बड़े-बड़े सिंगर उनके संपर्क में रहते थे। बस उसकी यही बात पंजाब के कुछ दूसरे सिंगरो और उनसे जुड़े गैंगस्टर्स (Gangsters) को बिल्कुल भी पसंद नहीं थी जिस वजह से वह धीरे-धीरे करके उनके दुश्मन बन रहे थे। विक्की मिड्‌डूखेड़ा की हत्या की दूसरी सबसे बड़ी वजह थी उसकी नज़दीकियां लॉरन्स बिशनोई गैंग से बढ़ती ही जा रही थी जिस वजह से यह दूसरे गैंगस्टर्स की आंखों की किरकिरी बना हुआ था।

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