Gangster ने Murder के लिए ही नफे सिंह की गाड़ी में लगवाया था GPS Tracker, चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासा

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Noida UP: इसी साल 25 फरवरी को बहादुरगढ़ में पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की हत्या के बाद पूरे हरियाणा में हड़कंप मच गया था। अफरा तफरी के आलम के बीच दहशत तब और बढ़ गई थी जब ये खुलासा हो रहा था कि नफे सिंह की हत्या में उसका ड्राइवर भांजा शामिल था और इस हत्याकांड को गैंग्स्टर नंदू के इशारे पर अंजाम दिया गया था। बाद में इस मामले की तफ्तीश सीबीआई को सौंप दी गई थी। 

CBI ने दाखिल की चार्जशीट

हरियाणा के बहादुरगढ़ में पूर्व विधायक व इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रहे नफे सिंह राठी और उनके समर्थक जयकिशन दलाल हत्याकांड में सीबीआई ने कोर्ट में दाखिल पहली चार्जशीट में कई अहम खुलासे किए हैं। हालांकि हत्याकांड का मोटिव क्या रहा? इसको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। इससे हत्या की वारदात का रहस्य और गहरा गया है।

नंदू ने Social Media पर ली जिम्मेदारी

नफे सिंह राठी हत्याकांड के बाद नंदू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करके इसकी जिम्मेदारी ली थी। बताया गया है कि मर्डर से पहले सचिन ने इस काम में मदद के लिए आशीष उर्फ बाबा को चुना। 23 फरवरी को वे नांगलोई से बहादुरगढ़ मेट्रो स्टेशन गए, जहां सचिन ने नंदू के निर्देशानुसार सेल्फी ली और उसे भेज दी। इसके बाद 25 फरवरी को नफे सिंह राठी की हत्या की गई।

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कार में लगवाया था Signal App

हत्याकांड की परतें सुलझाने को लेकर सीबीआई ने एक अहम खुलासा जरूर किया है कि ब्रिटेन में बैठे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने सिग्नल एप के जरिये 18 फरवरी को सचिन नाम के शख्स से संपर्क साधा था। कहा था कि अमित गुलिया ने तेरा नंबर दिया था। गैंगस्टर नंदू ने सचिन से संपर्क कर कहा था कि भाई बहादुरगढ़ में एक दुश्मन मारना है। ब्रिटेन में बैठकर गैंग चलाने वाले नंदू ने ही शूटर को कार में सिग्नल एप इंस्टॉल करने का निर्देश दिया था। खुलासा यही हुआ है कि दिल्ली के द्वारका की म्यूजिक कार शॉप से एक जीपीएस ट्रैकर खरीदा गया था।  ट्रैकर खरीदने वाला कौन था? इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। बताया गया है कि अभी तक जांच में सामने आया है कि चार शूटर और ब्रिटेन में रहने वाले गैंगस्टर नंदू ने सिग्नल एप के जरिए बातचीत की थी। 

दो शूटर गिरफ्तार दो फरार

पुलिस ने इस मामले में गोवा के होटल से दो शूटर आशीष और सौरव को गिरफ्तार किया था, जबकि नजफगढ़ के रहने वाले अतुल प्रधान और नारनौल के नकुल सांगवान अभी फरार चल रहे हैं। शूटर्स को कार उपलब्ध कराने के आरोप में पुलिस ने बिजवासन निवासी धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने घटना को लेकर दिल्ली की मंडौली जेल में बंद अमित गुलिया से भी प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की थी।
 

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