तालिबान राज में क्लास रूम में पर्दा! फरमान: पहले लड़के निकलेंगे, फिर बाद में लड़कियां

ADVERTISEMENT

तालिबान राज में क्लास रूम में पर्दा! फरमान: पहले लड़के निकलेंगे, फिर बाद में लड़कियां
social share
google news

क्लास रूम में पर्दा। जी हां, ये सच्चाई है अफगानिस्तान की। तो क्या अब लड़के और लड़कियों के बीच में पर्दा होगा तो वो पढ़ाई कर सकेंगे तो इसका जवाब है हां। दरअसल, अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद तालिबानी हायर एजुकेशन मिनिस्ट्री का एक आदेश जारी किया गया था।

इस आदेश में कहा गया था कि यूनिवर्सिटीज में लड़के और लड़कियों की क्लास अलग-अलग होनी चाहिए और अगर ऐसा मुमकिन नहीं हो पाता है तो बीच में पर्दे लगाना चाहिए। अब तालिबान के इस फरमान के बाद अफगानिस्तान के एक कॉलेज की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि क्लास रूम में पर्दा लगा हुआ है। एक तरफ लड़कियां बैठी हैं और दूसरी तरफ लड़के।

अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी आमज न्यूज के सोशल मीडिया हैंडल पर अफगानिस्तान के एक कॉलेज से जुड़ी तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिसमें देखा जा सकता है कि लड़के और लड़कियों की क्लास चल रही हैं। हालांकि सबसे चौंकाने वाली चीज वो पर्दा है जो इन छात्रों के बीच देखा जा सकता है। तस्वीर में छात्राओं को नकाब में देखा जा सकता है।

ADVERTISEMENT

तालिबानी फरमान में क्या क्या कहा गया है ?

तालिबान ने अपने फरमान में लिखा था कि यूनिवर्सिटीज को अपनी सुविधा के हिसाब से छात्राओं के लिए महिला शिक्षकों को भर्ती करने की जरूरत है। ऐसा ना होने पर बुजुर्ग और अच्छे चरित्र वाले पुरुषों को नियुक्त किया जा सकता है।

ADVERTISEMENT

इन तस्वीरों में भी एक प्रोफेसर को पढ़ाते हुए देखा जा सकता है। तालिबान के फरमान में ये भी कहा गया था कि कॉलेज, यूनिवर्सिटी जैसी जगहों पर पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट होना चाहिए। वहीं, महिलाएं, पुरुष छात्रों से 5 मिनट पहले अपना काम निपटा लें ताकि वे पुरुषों से घुलने-मिलने की कोशिश ना करें।

ADVERTISEMENT

इसके अलावा जब तक पुरुष छात्र कैंपस से नहीं निकल जाते, तब तक छात्राओं को वेटिंग रूम में ही रुकना होगा। तालिबान ने अपने पिछले कार्यकाल में महिलाओं को पढ़ने और नौकरी करने पर ही प्रतिबंध लगा दिया था।

तालिबान ने साल 1996 से 2001 के बीच अफगानिस्तान पर राज किया था और उस दौर में महिलाओं की आजादी और अधिकारों को छीन लिया गया था। यही कारण है कि तालिबान के दूसरे कार्यकाल में महिलाएं काफी डरी हुई हैं। हालांकि तालिबान का कहना है कि वे इस बार सबके अधिकारों की सुरक्षा करेंगे।

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT

    ऐप खोलें ➜