जज पर पुलिसवालों ने इस वजह से तान दी थी पिस्टल और कहा था; आज तुम्हारी औकात बताते हैं, ADJ ने FIR में बताई ये चौंकाने वाली कहानी

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Bihar Madhubani Judge Police Case Inside Story : बिहार के मधुबनी में जज अविनाश कुमार पर हुए हमले की अब पूरी इनसाइड स्टोरी सामने आई है. जिस जज को उनके चैंबर में ही धमकी दी गई, उसी पीड़ित जज ने एफआईआर दर्ज कराई है. उन्होंने जो थाने में शिकायत दी है उससे पूरी घटना की जानकारी मिलती है.

दरअसल, जज अविनाश कुमार (Judge Avinash Kumar) ने जो लिखित शिकायत दी है उसमें उन्होंने ये साफ लिखा है कि दोनों पुलिसवालों से जब मैंने शांत होकर केस में बहस करने की बात की तो वे गुस्सा हो गए.

थाना प्रभारी गोपाल प्रसाद ने तो गुस्से में कहा कि तुम मेरे बॉस (एसपी साहब) को नोटिस देकर कोर्ट बुलाते हो. आज तुम्हारी औकात बता देता हूं. इसी बीच थानाध्यक्ष का सहयोगी एसआई अभिमन्यु कुमार शर्मा भी जबरन हमारे चैंबर में घुस आया और फिर दोनों ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी.

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अब इस मामले में जज की शिकायत पर कई धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है. इसके साथ ही मामला हाई कोर्ट भी पहुंच गया है. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के आदेश के मुताबिक, स्पेशल सुनवाई के लिए यह मामला जस्टिस रंजन गुप्ता और जस्टिस मोहित कुमार साहा के बेंच के समक्ष रखा गया है.

जज ने FIR में जो कहानी बताई, उसे यहां पूरा पढ़ें

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FIR के अनुसार, जज अविनाश कुमार ने लिखा है कि....

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...हमारा नाम अविनाश कुमार उम्र 45 वर्ष वर्तमान में मैं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर झंझारपुर न्यायालय में पदस्थापित हूं। 18.11.21 को दोपहर 2 बजे अपने चैंबर में अपना बयान स्वेच्छा से अंकित करता हूं कि 16.11.21 को मुझे घोघरडीहा थानाध्यक्ष के खिलाफ घोघरडीहा प्रखंड की भोलीराही निवासी उषा देवी ने मुझे बीते मंगलवार को एक आवेदन दिया।

जिसमें पीड़ित ने बताया था कि घोघरडीहा के थानाध्यक्ष ने उसके पति, ननद, वृद्ध सास व ससुर को झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया है। साथ ही, पति के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद मैंने सत्यता जानने के लिए 16.11.21 को ही थानाध्यक्ष को पक्ष रखने की सूचना फोन पर दी। लेकिन, थानाध्यक्ष आने से टालमटोल करते रहे। इसके बाद थानाध्यक्ष को गुरुवार को 11 बजे आने का समय दिया गया। थानाध्यक्ष निर्धारित समय पर न आकर दोपहर 2 बजे मेरे चैंबर में पहुंचे।

चैंबर में प्रवेश करते ही थानाध्यक्ष ऊंची आवाज में बात करने लगा। जब हमने शांति से बात करने को कहा तो उसने कहा कि हम इसी अंदाज में बात करेंगे। क्योंकि यही मेरा अंदाज है। इसी बीच थानाध्यक्ष ने गाली-गलौज शुरू करते हुए कहा कि तुम मेरे बॉस (एसपी साहब) को नोटिस देकर कोर्ट बुलाते हो। आज तुम्हारी औकात बता देता हूं। इसी बीच थानाध्यक्ष का सहयोगी एसआई अभिमन्यु कुमार शर्मा भी जबरन हमारे चैंबर में घुस आया। इसके बाद दोनों ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी।

जब हमने वरीय अधिकारियों से शिकायत की बात कही तो थानाध्यक्ष ने कहा कि एसपी साहब के आदेश व समर्थन मिलने के बाद ही आया हूं, तुम्हें तुम्हारी औकात दिखाने।

तुम हमारे साहब (एसपी डॉ. सत्य प्रकाश) को नोटिस भेजकर कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश देते हो। साथ ही, मुझे भी नोटिस भेजते हो। तुम्हारी क्या औकात है यह आज हम तुम्हें बताते हैं। इतना कहते हुए थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने मारपीट शुरू कर दी। चैंबर में मारपीट शुरू होते ही थानाध्यक्ष के सहयोगी एसआई अभिमन्यु कुमार ने भी मारपीट शुरू कर दी।

इसी दौरान थानाध्यक्ष ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकालकर मुझ पर तानते हुए कहा कि आज मैं तुम्हें दुनिया से रुखसत (विदा) ही कर देते हूं। क्योंकि तुमने हमारे बॉस (एसपी साहब) को परेशान कर रखा है। बॉस के आदेश पर ही हम तुम्हें तुम्हारी औकात दिखाने आए हैं। इसी बीच चैंबर में हल्ला सुनकर आस पास के वकील व कोर्ट कर्मी मेरे चैंबर में प्रवेश किए। अचानक से भीड़ बढ़ गई। इसी बीच किसी ने थानाध्यक्ष के हाथ से रिवॉल्वर छीन लिया। कोर्ट कर्मियों की भीड़ को देख थानाध्यक्ष व उनके सहयोगी हमारे बाथरूम में घुस कर दरवाजा अंदर से बंद कर लिए। स्थानीय पुलिस के आने के बाद दोनों बाथरूम से बाहर आए

क्या था पूरा मामला

Bihar Judge Case : बता दें कि बिहार के मधुबनी के झंझारपुर न्यायालय के विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष व ADJ (अतिरिक्त जिला जज) प्रथम अविनाश कुमार पर 18 नवंबर की दोपहर में उनके चैंबर में ही विवाद हुआ था.

विवाद करने वाले दो आरोपी पुलिसकर्मी SHO गोपाल प्रसाद यादव और SI अभिमन्यु शर्मा हैं. दोनों ने जज पर ही हमला कर दिया और गाली-गलौज की. गुस्से में दोनों ने ही जज के ऊपर पिस्टल तान दी. इसमें ADJ बुरी तरह जख्मी भी हो गए थे. बताया जाता है कि उनके हाथ और होंठ पर चोट के निशान मिले हैं.

इस मामले में कोर्ट में थी सुनवाई

Judge Avinash Kumar Case : दरअसल, जिस मामले को लेकर दोनों आरोपी पुलिसकर्मी कोर्ट में आए थे वो मामला एक घोघरडीहा के भोलीरही गांव में रहने वाली महिला उषा देवी से जुड़ा है. उषा देवी ने थानाध्यक्ष पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने को लेकर कोर्ट में आवेदन दिया था.

इसी मामले में जज ने SHO को कोर्ट में तलब किया था. उसी पर बहस होने के लिए एसएचओ और दरोगा दोनों बुधवार को ही कोर्ट में तलब किया गया था. लेकिन बुधवार को पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे थे. इसके अगले दिन यानी गुरुवार दोपहर दो बजे दोनों कोर्ट में पहुंचे.

बताया जाता है कि कोर्ट में आते ही SHO और दरोगा ने जज के चैंबर में ही अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया था. इसके बाद उनके साथ मारपीट की थी. उसी दौरान थानाध्यक्ष ने अपनी रिवॉल्वर निकालकर जज पर तानते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे डाली थी.

बता दें कि पीड़ित जज अविनाश कुमार वहीं हैं जिन्होंने कुछ महीने पहले ही छेड़छाड़ के आरोपी धोबी लल्लन को 6 महीने तक महिलाओं के कपड़ों को फ्री में धोने और आयरन करने की सजा दी थी.

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