इज़राइल के प्रधानमंत्री को जिंदा कारतूस भेज मिली जान से मारने की धमकी, ये है पूरा मामला

Israel PM Naftali Bennett and his family receive death threat with live bullet : इज़राइल के प्रधानमंत्री, उनके परिवार को जान से मारने की धमकी, सुरक्षा बढ़ाई गई
इज़राइल के प्रधानमंत्री को जिंदा कारतूस भेज मिली जान से मारने की धमकी, ये है पूरा मामला
Israel PM Naftali Bennett

Israel PM Naftali Bennett Threat News : दुनिया के ताकतवर देश में से एक इजरायल के पीएम और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। ये धमकी उन्हें एक लेटर भेजकर दी गई है। उस लेटर में एक जिंदा कारतूस यानी बुलेट भी है। जिसमें इनके बेटे और पत्नी के नाम का भी जिक्र है और कहा गया है कि हम आप तक पहुंचेंगे जरूर।

इजरायल पुलिस ने बताया कि उन्होंने और आंतरिक सुरक्षा एजेंसी ‘शिन बेट’ ने प्रधानमंत्री व उनके परिवार को मिली धमकी के मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने एक संक्षिप्त बयान में बताया कि पत्र बेनेट और उनके परिवार के लिए था जिसमें एक कारतूस भी था।

प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार ने मंगलवार को कहा, “ प्रधानमंत्री और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देने वाला पत्र और कारतूस मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने बेनेट के परिवार की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार ईकाई को मजबूत करने का फैसला किया है।”

इज़राइली अखबार ‘हारेत्ज़’ ऑनलाइन ने एक सूत्र के हवाले से कहा है कि पत्र को बेनेट के रानाना आवास या यरूशलम स्थित आधिकारिक निवास पर नहीं भेजा गया है बल्कि प्रधानमंत्री की पत्नी गिलत बेनेट के पूर्व कार्यस्थल पर भेजा गया था। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने परिवार को पत्र के बारे में सूचित किया जिसने ‘शिन बेट’ को काम पर लगाया।

खबर में कहा गया है कि पत्र में दंपति के 16 वर्षीय बेटे यौनी का जिक्र है और कहा है कि “हम आप तक पहुंचेंगे।” बेनेट ने अपने सोशल मीडिया पेज पर साझा किए गए बयान में कहा कि राजनीतिक मतभेद कितना ही गहरा क्यों न हो बात हिंसा की नहीं होनी चाहिए, जान से मारने की धमकियां नहीं आनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमें नेताओं और नागरिकों के रूप में सब कुछ करना है, जो इस देश में अपने भविष्य और अपने बच्चों के भविष्य की परवाह करते हैं, ताकि ऐसी घटनाएं न हों।” बेनेट ने अगले हफ्ते इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस और आतंकवाद की वजह से जान गंवाने वाले सैनिकों और लोगों की याद में मनाए जाने वाले ‘मेमोरियल डे’ से पहले राजनीतिक विमर्श की तपिश को कम करने का आग्रह किया है, खासकर सोशल मीडिया पर।

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