'जिस देश में मुसलमान रहते है, उसे अपना देश समझे'

'जिस देश में मुसलमान रहते है, उसे अपना देश समझे'
फाइल चित्र

THE WORLD MUSLIM COMMUNITIES COUNCIL : 'हमारे आधुनिक समय में किसी नवगठित देश के तहत इस्लामिक एकता लाने की असंभव कोशिश करने के बजाय अपने देश, झंडे और भूमि के प्रति ईमानदारी रखना अधिक जरूरी है।' ये बात बोली है मिस्र के मंत्री डॉ. मोहम्मद मोख्तार गोमा ने।

वर्ल्ड मुस्लिम कम्युनिटीज काउंसिल में रखे विचार

THE WORLD MUSLIM COMMUNITIES COUNCIL : यूएई की राजधानी अबू धाबी में आठ और नौ मई को वर्ल्ड मुस्लिम कम्युनिटीज काउंसिल की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस हुई। इस कॉन्फ्रेंस में यूएई, रूस, तुर्की, सीरिया, मिस्र और अजरबैजान समेत कई देशों के मुस्लिम धार्मिक नेताओं ने हिस्सा लिया। हालांकि, कॉन्फ्रेंस में मिस्र के मंत्री ने जो भाषण दिया, वो काफी सुर्खियों में है।

THE WORLD MUSLIM COMMUNITIES COUNCIL : मिस्र के मंत्री डॉ. मोहम्मद मोख्तार गोमा ने इस्लामिक एकता को लेकर कहा, 'मुस्लिम समाज को दो तरीकों से एकजुट किया जा सकता है। पहला विवेकशील और तर्कसंगत तरीका है जिसकी मिसाल इस कॉन्फ्रेंस के जरिये दी जा रही है। दूसरा तरीका काल्पनिक और असंभव है जिसका इस्तेमाल चरमपंथी और आतंकवादी संगठन अपने फायदे के लिए कर रहे हैं। ये दुनियाभर के मुस्लिमों को एक राष्ट्र और एक झंडे के तहत लाने का प्रयास कर रहे हैं।'

THE WORLD MUSLIM COMMUNITIES COUNCIL : इस कॉन्फ्रेंस में अलग अलग विषयों पर चर्चाएं हुई। ये बात भी सामने आई कि मैरीलैंड यूनिवर्सिटी ने 2016 में दुनियाभर में आतंकवाद को लेकर एक स्टडी की थी जिसमें एक दशक में 70,767 आतंकवादी हमलों पर गौर किया गया था। इस स्टडी से पता चला था कि इनमें से 85 फीसदी हमले आईएसआईएस और अल कायदा समूहों ने मुस्लिम बाहुल्य देशों में किए और इन हमलों के पीड़ितों में अधिकतर मुस्लिम ही थे।

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