EXCLUSIVE JNU DISPUTE : केस दर्ज, कोर्ट में पेंडिंग, लेकिन कोई भी आरोपी दोषी करार नहीं

RTI से हुआ खुलासा - दिल्ली पुलिस ने फिर जेएनयू से संबंधित सवालों को लेकर पल्ला झाड़ा
EXCLUSIVE JNU DISPUTE : केस दर्ज, कोर्ट में पेंडिंग, लेकिन कोई भी आरोपी दोषी करार नहीं
जेेएनयू में फिर विवाद

अशोक कुमार उपाध्याय के साथ चिराग गोठी की रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस ने समय समय पर जेएनयू में हुए विवादों के सिलसिले में कई FIR भी दर्ज की और कई आरोपियों को भी गिरफ्तार किया, लेकिन ये भी सच है कि पुलिस जेएनयू से संबंधित सवालों से बचती ही नजर आ रही है। ये भी सच है कि ये सारे केसस अभी तक कोर्ट में पेंडिग है और कोर्ट की तरफ से किसी भी केस में फैसला नहीं आया है। जेएनयू में हिंसा की आखिरी बड़ी घटना 5 जनवरी, 2020 को हुई थी, जब नकाबपोश गुंडों ने दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के परिसर में तोड़फोड़ की थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। इस हिंसा ने इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय को सुर्खियों में ला दिया था।

अब फिर जूएनयू में विवाद हुआ है। पुलिस कार्रवाई कर रही है। इस बीच CRIME TAK ने ये बीड़ा उठाया ये जानने का कि आखिर जो केस इस सिलसिले में पहले दर्ज हुए, उनका क्या हुआ ?

हमारे सवाल थे ?

1. 5 जनवरी 2020 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के परिसर में हुई हिंसा में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?

2. कुल कितनी एफआईआर हुई है और उन एफआईआर में कितने लोगों के नाम हैं ?

3. एफआईआर में जिन लोगों के नाम हैं उनमें जेएनयू के कितने छात्र हैं और कितने बाहरी हैं ? उनमें से कितने जेएनयू के शिक्षक हैं ?

4. पुलिस अब तक कितने लोगों से पूछताछ कर चुकी है। कृपया उनका नाम बताएं ?

5. क्या इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है ? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो कब तक दाखिल किये जाने की संभावना है ?

इसी साल 14 फरवरी को दिल्ली के SOUTH WEST DISTRICT के एडिश्नल डीसीपी अमित गोयल की तरफ से जवाब आया। उनका कहना था कि DISTRICT पुलिस ने दो केस दर्ज किए और दोनों केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिए गए है।

इसके बाद 15 मार्च 2022 को क्राइम ब्रांच की तरफ से जवाब आया कि जनवरी 2020 में जेएनयू कैंपस में विवाद से संबंधित सभी केसों की जांच की जा रही है। इससे ज्यादा जानकारी मुहैया नहीं कराई जा सकती। यानी साफ है पुलिस ने जांच से संबंधित कुछ भी जानकारी मुहैया नहीं कराई।

अब फिर जेएनयू विवादों में है। ये वो यूनिवर्सिटी है, जिसके छात्र हर क्षेत्र में अव्वल है। चाहे सिविल सर्विस्स को क्रेक करने की बात हो या फिर देश के किसी भी सरकारी और प्राइवेट EXAM को क्रेक करने की बात हो, JNU के छात्रों ने हर जगह अपना परचम लहरा रखा है, लेकिन इसके पीछे वजह क्या है ? क्यों JNU के छात्र SUPER TALENTED है। तो इसका एक जवाब है कि वो ये कि उन्हें वो करने की सभी सुविधाएं मौजूद है, जो वो करना चाहते है। मसलन फीस न के बराबर और सुविधाएं अपार।

लेकिन अब JNU का दूसरा चेहरा समझिए। ये वो चेहरा है, जो नशे की गिरफ्त में है। ये वो चेहरा है जो हिंदू-मुसलमान चीखता रहता है। ये वो चेहरा है जो राजनीति का शिकार है। यही वजह है कि आए दिन यहां विवाद होते है। यहां के स्टूडेंट्स को टीवी फुटेज मिलती है और वो एक दिन 'कन्हैया कुमार, उमर खालिद या कोई और' बन जाते है। ऐसे में अब देखना होगा कि पुलिस जेएनयू में रामनवमी के दिन हुए नए विवाद पर क्या कार्रवाई करती है।

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