जज उत्तम आनंद मर्डर मामले में अजीब इत्तेफाक़, हत्या वाले दिन ही आया CBI कोर्ट का ये फैसला

Judge Uttam Anand Murder case: धनबाद (DHANBAD) में जज उत्तम आनंद मर्डर केस में सीबीआई (CBI COURT) की विशेष अदालत ने वारदात के ठीक एक साल बाद दोनों आरोपियों को दोषी करार (Convict) दिया है।
जज उत्तम आनंद का फाइल चित्र और ऑटो जिससे जज को टक्कर मारी गई थी
जज उत्तम आनंद का फाइल चित्र और ऑटो जिससे जज को टक्कर मारी गई थी

Judge Uttam Anand Murder case: धनबाद में जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले में सीबीई की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुना ही दिया। सीबीआई कोर्ट ने इस हत्या के मामले में पकड़े गए दो आरोपियों आटो ड्राइवर लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को दोषी करार दिया है। इन दोनों को आईपीसी की दफा 302, 201 और 34 के तहत दोषी पाया गया है। सीबीआई कोर्ट अब इस मामले में दोनों दोषियों को 6 अगस्त को सज़ा सुनाएगी।

क्या अजीब इत्तेफाक है कि एक साल पहले 28 जुलाई 2021 को ही जज उत्तम आनंद की सुबह सवेरे हत्या कर दी गई थी। और पूरे एक साल चले मुकदमें में 58 गवाहों की रोशनी में 28 जुलाई को सीबीआई की विशेष अदालत में विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने इस मामले में इसे जज की हत्या को एक गहरी साज़िश भी करार दिया है।

ये गौरतलब है कि धनबाद के अपर ज़िला और सत्र जज उत्तम आनंद को 28 जुलाई की सुबह उस वक्त ऑटो से टक्कर मारी गई थी जब वो मॉर्निंग वॉक से लौट रहे थे। ये वारदात रणधीर वर्मा चौक के पास अंजाम दी गई थी। ऑटो की टक्कर से बुरी तरह से जख्मी हुए जज उत्तम आनंद की बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी। जबकि वारदात के बाद ऑटो ड्राइवर वहां से फरार हो गया था।

जज की हत्या के मामले में 169 में से 58 गवाहों की गवाही हुई

Judge Uttam Anand Murder case: जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले ने बड़ा तूल पकड़ा था। और झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक याचिका को PIL में तब्दील कर दिया था। इसके बाद इस घटना की तहकीकात के लिए एक SIT गठित की गई थी। लेकिन बाद में इस मामले की तफ्तीश से छानबीन करने और मामले का सच सामने लाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

सुप्रीम कोर्ट का सीबीआई को साफ निर्देश था कि जांच की हर स्टेटस रिपोर्ट झारखंड हाईकोर्ट को सौंपी जाए ताकि झारखंड हाईकोर्ट इस मामले की निगरानी करता रहे।

क़रीब 80 दिन की छानबीन के बाद देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI ने 20 अक्टूबर को ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। तब अदालत ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करके केस की सुनवाई शुरू की थी। इस मुकदमें के दौरान सीबीआई ने 169 गवाहों की सूची में से 58 गवाहों की गवाही ली।

पुण्यतिथि के दिन ही मुकदमा मुकम्मल हुआ

Judge Uttam Anand Murder case: ट्रायल पूरा होने के बाद सीबीआई कोर्ट ने जज उत्तम आनंद की पहली पुण्यतिथि के दिन ही मुकदमें को उसकी मंजिल तक पहुँचा दिया और दोनों आरोपियों को दोषी भी करार दे दिया। ये भी गौर तलब है कि सीबीआई ने लखन वर्मा और राहुल वर्मा के खिलाफ जज की हत्या के अलावा ऑटो चोरी और मोबाइल चोरी की दो अलग से FIR दर्ज की थी।

बताया जा रहा है कि जज को ऑटो से टक्कर मारने के बाद दोनों आरोपी धनबास से फरार हो गए थे। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की मदद से ऑटो ड्राइवर की पहचान हो सकी थी और बाद में पुलिस ने ड्राइवर को गिरिडीह से गिरफ्तार किया था जबकि राहुल वर्मा को धनबाद स्टेशन के बास से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की थी।

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