Bihar crime: बेगूसराय फायरिंग किसी सनकी की सनक का नतीजा है या फिर साइकोपैथ की हिमाकत?

Begusarai Firing Case: बेगूसराय में अंधाधुंध फायरिंग करने वाले आखिर कौन हैं? इन हमलावरों का मकसद क्या था? इस फायरिंग की वारदात से वह क्या साबित करना चाहते थे?
सीसीटीवी में कैद हमलावर
सीसीटीवी में कैद हमलावर

Begusarai Crime News: बेगूसराय में अंधाधुंध फायरिंग (Firing) करने वाले आखिर कौन हैं? इन हमलावरों का मकसद (Motive) क्या था? इस फायरिंग की वारदात से वह क्या साबित करना चाहते थे? क्या ये किसी सनकी (Crazy) की सनक का नतीजा है या फिर किसी साइकोपैथ (Psychopath) की हिमाकत?

जानकारों की मानें को बिहार के बेगूसराय जिले में अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की गई है। ये सनकी शूटर्स की तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हो गई हैं। जिस तरह से 30 किलोमीटर के दायरे में ये फायरिंग की गई है उससे लगता है कि ये हमला इलाके में दहशत फैलाने की नीयत से किया गया है।

बेगूसराय़ में शूटर्स ने मंगलवार शाम शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक करीब 30 किलोमीटर के दायरे में ताबड़तोड़ फायरिंग की है। इस दौरान 11 लोग गोली लगने से घायल हुए और एक की मौत हो गई। दिल्ली पुलिस के पूर्व डीसीपी के एल राव का कहना का कहना है कि दरअसल फायरिंग के इस पैटर्न से पता चलता है कि ये काम किसी सनकी शख्स का हो सकता है।

गोलीबारी से ये भी साफ है कि फायरिंग करने वालो का कोई फिक्स टारगेट नहीं था वो रैंडमली फायरिंग करते जा रहे थे। उनके निशाने पर कोई टारगेट नहीं था। मनोवैज्ञानिकों की मानें तो इस तरह की हरकतें आम तौर पर किसी सनकी की सनक का नतीजा हो सकती हैं। दिल्ली के मनोवैज्ञानिक डॉ समीर कहते हैं कि ऐसे कई केस देखे गए हैं जहां हमलावर अपनी मानसिक परिस्थितियों से या फिर पारिवारिक हालत से तंग आकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देता है। खासकर ऐसे मामले विदेशों में ज्यादा देखने को मिलते हैं।

इसी तरह मनोवैज्ञानिक डॉ संजय सक्सेना उदाहरण देते हुए बताते हैं कि हाल ही में 13 अगस्त को यूरोप के Montenegro में एक पारिवारिक विवाद से परेशान होकर शख्स ने भी अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी। इस फायरिंग में कुल 11 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई घायल भी हुए थे। डॉक्टर का मानना है कि ये किसी मानसिक रुप से परेशान शख्स की हरकत भी हो सकती है। अगर दुनिया में इस तरह की अंधाधुध फायरिंग की सनक और वारदातों पर एक नजकर डालें तो:

18 जुलाई 2022 को अमोरिका के इंडियाना में ग्रीनवुड पार्क मॉल में फायरिंग की घटना सामने आई थी। यहां एक हमलावर ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी थी। इस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि 3 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पुलिस ने हमलावर को भी मौके पर ढेर कर दिया था।
इसी तरह 02 जून 2022 को अमेरिका के ओकलाहोमा में एक अस्पताल को हमलावर ने निशाना बनाया था और वहां अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस फायरिंग में 3 लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हमलावर मारा गया था।
पिछले साल मई के महीने में कैलिफोर्निया के रेल यार्ड में भी एक सनकी ने फायरिंग की थी। रेल कर्मचारी ने अंदाधुंध गोलीबारी की थी जिसमें 8 लोगों की मौत हुई थी। हमले के बाद हमलावर कर्मचारी ने भी खुदकुशी कर ली थी।

अब भले ही मनोवैज्ञानिक और अपराध के जानकार बेगूसराय की इस फायरिंग की वारदात को सनकी हमलावर की करतूत होने का कयास लगा रहे हों। फिलहाल इस मामले में बिहार पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। लेकिन सच तो ये है कि जब तक ये हमलावर गिरफ्तार नहीं होते तब तक फायरिंग का असल मकसद क्या है ये एक राज़ ही बना रहेगा।   

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