दुबई की दुकान पर दाऊद ने इस मशहूर एक्टर को बताई थी 'भगोड़ा' होने की ये अनोखी कहानी

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बारे में अक्सर जो भी क़िस्सा आता है वो या तो पुलिस की फाइल से होता है या फिर उड़ी उड़ाई दास्तां। लेकिन अपने ज़माने के मशहूर फिल्म स्टार मरहूम ऋषि कपूर ने अपनी किताब 'खुल्लम खुल्ला' में दाऊद के बारे में जो लिखा वो न सिर्फ दिलचस्प है बल्कि सनसनीखेज़ भी।
दुबई की दुकान पर दाऊद ने इस मशहूर एक्टर को बताई थी 'भगोड़ा' होने की ये अनोखी कहानी

दाऊद इब्राहिम के किरदार में ऋषि कपूर

Crime Stories : ये क़िस्सा दाऊद इब्राहिम का है। उस वक़्त का क़िस्सा है, जब मुंबई में सीरियल ब्लास्ट नहीं हुए थे। ये वाकया उस दौर का है, जब दाऊद अंडरवर्ल्ड में अपनी हैसियत बना चुका था। उस वक़्त दाऊद ‘भाई’ के दायरे से निकलकर ‘साहब’ कहलाने लगा था। ये बात उस दाऊद इब्राहिम की है जो क़ानून का दुश्मन तो था, मगर देश का दुश्मन बनकर देश से भागा नहीं था।

ये सच्चा क़िस्सा उस फिल्मी सितारे का अपना एकदम ख़ालिस वाकया है जब उस फिल्मी सितारे का सामना मुंबई के डॉन दाऊद इब्राहिम से हुआ था। जिसने अपनी पहली ही मुलाक़ात में खुलकर ये बात कही थी कि उस ज़माने के कई राजनेता उसकी जेब में हैं।

खुल्लम खुल्ला क़िताब में बड़ा 'खुलासा'

Crime Stories in Hindi : 2013 में एक फिल्म आई थी D- DAY। इस फिल्म में दाऊद इब्राहिम से मिलता जुलता क़िरदार था इक़बाल सेठ का। जिसे पर्दे पर जीया था अपने ज़माने के चॉकलेटी ब्यॉय और कपूर ख़ानदान के चश्मोचिराग़ ऋषि कपूर ने। लेकिन इस फिल्म में दाऊद इब्राहिम के किरदार को निभाने से बहुत पहले ऋषि कपूर असल ज़िंदगी में अंडरवर्ल्ड के डॉन दाऊद इब्राहिम से साक्षात मिल भी चुके थे।

ये वाकया साल 1987-88 का है। उस मुलाक़ात के बारे में यूं तो ऋषि कपूर ने कभी पब्लिक के सामने खुलकर बयां तो नहीं किया था, अलबत्ता अपनी आत्मकथा ‘खुल्लम खुल्ला’ किताब में ऋषि कपूर उर्फ चिंटू ने दाऊद इब्राहिम से हुई मुलाक़ात और बातचीत का ज़िक्र ज़रूर किया है जो बेहद दिलचस्प और सनसनीखेज़ भी है।

<div class="paragraphs"><p>ऋषि कपूर और दाऊद इब्राहिम</p></div>

ऋषि कपूर और दाऊद इब्राहिम

सितारों के क़रीब डॉन

Underworld Crime Stories in Hindi :दाउद इब्राहिम। ये नाम सुनते ही ज़ेहन में एक शक्ल घूमने लगती है। घनी बड़ी मूंछे, आंखों पर काला चश्मा, और घने बालों के नीचे एक मुस्कुराता हुआ चेहरा।

लेकिन जैसे ही इस नाम से जुड़े जुर्म की लम्बी लिस्ट नज़रों के सामने आती है तो एक ही सवाल सामने होता है कि ये अंडरवर्ल्ड डॉन क्या वाकई में इतना खूंखार है? क्या वाकई दाऊद इतना ही ख़तरनाक़ है, जितना उसके बारे में दर्ज जुर्म बता रहे हैं?

दाऊद इब्राहिम और अंडरवर्ल्ड के उसके साथियों की महफिल से जुड़ी अनगिनत तस्वीरें और वीडियो भी सामने आ चुके हैं, जहां फिल्मी दुनिया के सितारे न सिर्फ उसके मेहमान नज़र आते हैं बल्कि अलग अलग मौकों पर अपने हुनर की नुमाइश भी करते दिखाई दे जाते हैं।

दाऊद इब्राहिम का ये दूसरा पहलू

Real Story of Underworld: ये अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का दूसरा पहलू है। जिसमें उसका चेहरा उसका रुआब और उसकी हैसियत का अंदाज़ा मिल जाता है। शायद यही वजह है कि मुंबई के अंडरवर्ल्ड का सरगना दाऊद इब्राहिम की ज़िंदगी और उसके जुर्म से जुड़े क़िस्सों पर बॉलीवुड में बेहिसाब फिल्में भी बन चुकी हैं।

लेकिन असर ज़िंदगी में दाऊद इब्राहिम कैसा है? इतना सब कुछ उसके बारे में जानने के बाद ये सवाल तो उठ ही जाता होगा? अब इसी सवाल की रोशनी में अगर हम ऋषि कपूर की किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ के पन्ने पलटते हैं तो हमें दाऊद इब्राहिम की वो सूरत भी नज़र आती है, जो आमतौर पर कहीं दिखाई नहीं देती। हालांकि उस तरह के किरदार फिल्मों की कहानियों में अनगिनत बार फिल्माए भी जा चुके हैं।

2017 में सामने आई खुल्लम खुल्ला

Story of Dawood Ibrahim: मरहूम ऋषि कपूर वो फिल्मी हस्ती रहे, जो अपनी बेबाकी और खुल्लम खुल्ला बात कहने के लिए मशहूर रहे हैं। फिल्मों के पर्दे पर अगर वो अपने किरदार के लिए तालियां बटोरते थे तो हक़ीक़त की ज़िंदगी में उन्होंने अपनी बेबाक बातों से तालियों के साथ साथ गालियां भी खायी हैं। 2017 में रिलीज हुई ऋषि कपूर की आत्मकथा ‘खुल्लम खुल्ला’ में एक ऐसा वाकया भी है, जो सबकी निगाहों को अपनी ओर खींचता है और वो है ऋषि कपूर की दाऊद इब्राहिम से मुलाक़ात।

इस किताब में ऋषि कपूर ने अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से मुलाकात का ज़िक्र तो किया लेकिन ये बात नहीं ज़ाहिर की कि आखिर ये मुलाक़ात किस ख़ास जगह पर हुई थी। बस उन्होंने शहर का ज़िक्र ज़रूर कर दिया।

इसके बावजूद ऋषि कपूर बड़ी ही साफगोई से अपनी किताब में ये भी लिखा कि कैसे उन्होंने अंडरवर्ल्ड के इस डॉन के साथ कॉफी पीते हुए बहुत सी बातें की। लेकिन उस किताब में ये भी लिखा हुआ है कि ऋषि कपूर ने किस तरह से दाऊद इब्राहिम को उनके मुंह पर ना तक कह दिया था।

<div class="paragraphs"><p>1989 में दाऊद से हुई थी ऋषि कपूर की मुलाक़ात</p></div>

1989 में दाऊद से हुई थी ऋषि कपूर की मुलाक़ात

जिसका सामने जुबान नहीं खुलती थी उसे ना बोला

Rishi Kapoor's Autobiography : ऋषि कपूर ने उस वक्त दाऊद इब्राहिम को ना कहा था जब कहा जाता है कि इस डॉन के सामने किसी की भी जुबान खोलने की हिम्मत तक नहीं होती थी।

खुल्लम खुल्ला में ऋषि कपूर ने लिखा है कि वो साल 1988 का था जब उन्होंने दाऊद इब्राहिम के नाम को बेहद नज़दीक से सुना था। ये 1993 में मुंबई ब्लास्ट से बहुत पहले की बात है। उस वक़्त वो अपने एक दोस्त बिट्टू आनंद के साथ दुबई गए थे। वहां उन्हें आशा भोसले और आर डी बर्मन यानी ‘पंचम’ के साथ एक शो में शिरकत करना था।

उस वक़्त एयरपोर्ट के बाहर एक अजनबी आदमी उनके पास आया और मेरे हाथ में कॉर्डलेस फोन थमाते हुए बोला, ‘ दाऊद साहब आपसे बात करना चाहते हैं’। उस वक़्त तक दाऊद इब्राहिम न तो भगोड़ा था और न ही वो देश का दुश्मन था। फोन पर दाऊद की आवाज़ आई। दाऊद ने दुबई में न सिर्फ मेरा स्वागत किया, फोन पर ही, बल्कि मुझसे कहा, किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो तो आप बेहिचक मुझे बता सकते हैं।

इसके अलावा दाऊद ने मुझे वहां अपने घर पर भी आने की दावत दी। ऋषि कपूर ने किताब में लिखा कि दाऊद इब्राहिम का वो ऑफ़र मैंने बड़ी ही सादगी और नॉर्मल तरीक़े से ठुकरा दिया था।

दुबई की दुकान की वो दिलचस्प दास्तां

Story of Dawood Ibrahim in Hindi: उसी किताब में ऋषि कपूर ने आगे लिखा कि आखिरकार एक ऐसा मौका भी आया जब हमारा आमना सामना दाऊद इब्राहिम से हो ही गया। ये क़िस्सा 1989 का है। उस वक़्त ऋषि कपूर अपनी पत्नी नीतू कपूर के साथ दुकान में जूते ख़रीदने पहुँचे थे। तब देखा कि दाऊद दुकान में दाखिल हुआ। उसके साथ दस हट्टे कट्टे बॉडीगार्ड भी थे।

ऋषि कपूर के पास पहुँचकर दाऊद ने कहा, इस दुकान से जो लेना चाहते हो ले सकते हो। इतना ही नहीं दाऊद ने ऋषि कपूर से कहा कि वो ऋषि कपूर को अभी भी बॉबी वाला स्टार ही मानता है। और एक खुला ऑफर दाऊद ने ऋषि के सामने रखा कि उसे जब भी कभी उसकी ज़रूरत महसूस हो, उससे संपर्क कर सकता है।

इसलिए बन गया दाऊद 'भगोड़ा'

Rishi Kapoor's Autobiography in Hindi: इसी दौरान दाऊद ने पहली बार ऋषिकपूर को ये कहकर चौंका दिया कि वो हिन्दुस्तान के क़ानून का भगोड़ा हो चुका है। और उसकी वजह ये है कि वहां यानी मुंबई में उसके कई दुश्मन बन चुके हैं, जो उसे पसंद नहीं करते। दाऊद ने ऋषि कपूर से कहा था कि उसे भारत में इंसाफ़ नहीं मिल सकता।

उसने बताया था कि वो भारत से कई लोगों को लेकर यहां आ गया है। दाऊद इब्राहिम ने उस वक़्त कहा था कि उस वक़्त के कई नेता उसकी जेब में हैं। किताब में ऋषि कपूर ने लिखा कि उन्होंने ये सब सुनने के बाद दाऊद को ना कहा था, उन्होंने कहा था, यार मैं एक एक्टर हूं और मुझे तुम इन सारे झंझटों से दूर ही रहने दो मैं इन सबमें नहीं पड़ना चाहता।

ये सिक्के का दूसरा पहलू है

Underworld Crime Stories in Hindi : दाऊद ने ऋषि कपूर की बात न सिर्फ सुनी बल्कि उनकी दिक्कत को समझा भी। ऋषि कपूर के मुताबिक दाऊद उनके साथ बहुत अच्छी तरह पेश आया और उसने बेहद गर्मजोशी भी दिखाई थी।

ऋषि कपूर की किताब में छुपा ये वाकया अब ज़माने के सामने बेशक आ चुका है, मगर अब ऋषि कपूर इस दुनिया में नहीं हैं। ज़ाहिर है कि देश का दुश्मन बन चुके दाऊद इब्राहिम ने मुमकिन है कि उसके बाद भी ऋषि कपूर से मुलाक़ात की हो। लेकिन ये बस एक कयास से ज़्यादा कुछ भी नहीं।

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