CM Arvind Kejriwal ने कहा मेरे साथ क्या होगा मुझे नही पता! तिहाड़ में किया आत्मसमर्पण, 21 दिनों की मिली थी जमानत

ADVERTISEMENT

CrimeTak
social share
google news

Arvind Kejriwal Tihar Jail: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत की मियाद रविवार को खत्म हो गई। आखिरकार 2 जून को दोपहर बाद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर से पहले सीएम केजरीवाल बापू की समाधि पर राजघाट गए। केजरीवाल ने हनुमान मंदिर जाकर दर्शन किए। इसके बाद सीएम अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के दफ्तर में जाकर पार्टी नेताओं से भी मिले। सरेंडर से पहले सीएम केजरीवाल ने भावुक ट्विट करते हुए लिखा कि: 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा

माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मैं 21 दिन चुनाव प्रचार के लिए बाहर आया। माननीय सुप्रीम कोर्ट का बहुत बहुत आभार। आज तिहाड़ जाकर सरेंडर करूँगा। दोपहर 3 बजे घर से निकलूँगा। पहले राजघाट जाकर महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि दूँगा। वहाँ से हनुमान जी का आशीर्वाद लेने कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर जाऊँगा। और वहाँ से पार्टी दफ़्तर जाकर सभी कार्यकर्ताओं और पार्टी के नेताओं से मिलूँगा। वहाँ से फिर तिहाड़ के लिए रवाना होऊँगा। आप सब लोग अपना ख़्याल रखना। जेल में मुझे आप सबकी चिंता रहेगी। आप खुश रहेंगे तो जेल में आपका केजरीवाल भी खुश रहेगा। जय हिन्द!  

 

जेल जाने के पहले सीएम अरविंद केजरीवाल मीडिया से मुखातिब हुए और कहा कि मैं देश बचाने के लिए जेल जा रहा हूं। मुझे नहीं पता कब वापस आऊंगा। वहां मेरे साथ क्या-क्या होगा, मुझे नहीं पता। आपको बता दें कि ट्रायल कोर्ट में विशेष जज कावेरी बावेजा ने शनिवार को उनकी अंतरिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखते हुए सुनवाई के लिए 5 जून की तारीख दी है। 

कोर्ट ने जमानत देते वक्त कहा क्या था?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा जमानत देते हुए कहा था कि कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं और राष्ट्रीय दल के नेता और राष्ट्रीय दल के संयोजक भी हैं। ऐसे में उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, वह गंभीर हैं लेकिन अभी तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास है और ना ही समाज को उनसे कोई खतरा है। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल को जमानत देना कोई अनोखा मामला नहीं है, ऐसे कई मौकों पर सुप्रीम कोर्ट ने कई आरोपियों को अंतरिम जमानत दी है। 

ADVERTISEMENT

जेल में मुझे आप सबकी चिंता रहेगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगस्त 2022 से ये मामला लंबित है। अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। ऐसे मामले में केजरीवाल की जमानत के आधार को फसलों की कटाई या फिर किसी व्यावसायिक गतिविधि से नहीं जोड़ा जा सकता है। कोर्ट ने कहा है कि हमने केजरीवाल की लोकसभा चुनाव में भूमिका को देखते हुए जमानत दी है।

    यह भी पढ़ें...

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT