6000 करोड़ और हवाला नेटवर्क, ईडी ने महादेव सट्टा ऐप मामले में दाखिल की पहली चार्जशीट

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Raipur ED News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल में छत्तीसगढ़ में सामने आए महादेव सट्टा ऐप मामले में धनशोधन जांच के संबंध में पहला आरोपपत्र दायर कर दिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संघीय जांच एजेंसी द्वारा अभियोजन शिकायत शुक्रवार को रायपुर में विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष दायर की गई।

महादेव सट्टा ऐप मामले में चार्जशीट

उन्होंने कहा कि ईडी ने अभियोजन शिकायत में महादेव बुक ऐप के कथित मुख्य प्रवर्तक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित 14 लोगों को नामित किया है। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था। आरोपपत्र का मुख्य भाग 197 पृष्ठों का है, जबकि अनुलग्नकों में लगभग 8,800 और पृष्ठ जोड़े गए हैं।

कहां तक फैला है ऐप का जाल?

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कथित अपराध से अनुमानित आय लगभग 6,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि अदालत 25 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में आरोपपत्र पर संज्ञान लेगी। ईडी ने पूर्व में कहा था कि जांच से पता चला है कि महादेव बुक ऐप को संयुक्त अरब अमीरात स्थित एक केंद्रीय प्रधान कार्यालय से संचालित किया जाता था। 

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छत्तीसगढ़ के 28 साल के युवक सौरभ ने बनाई बैटिंग ऐप

सौरभ छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। वो वहां जूस की दुकान चलाता था। आय सीमित थी, लेकिन उसके सपने बहुत बड़े थे। वो करोड़पति बनना चाहता था। इसके लिए उसने सट्टा खेलना शुरू किया। धीरे-धीरे उसकी किस्मत चमकी और वो बड़े पैमाने पर सट्टा खेलने लगा। रवि उसका खास दोस्त है। दोनों ने सोचा कि क्यों न ऑनलाइन सट्टा खेला जाए और खिलाया जाए? बस दोनों ने ये तय कर लिया।

ऐसे बनाई ऐप?  महादेव ऐप आनलाइन बैटिंग केस

सौरभ को एक आइडिया आया। उसने सट्टे खिलाने, खेलने के लिए आनलाइन ऐप बना डाली, जिसका नाम रखा महादेव ऑनलाइन बैंटिग ऐप। ये ऐप चलने लगी। धीरे-धीरे करके इसमें लाखों लोग जुड़ गए। बाद में कंपनी ने अपना मेन आफिस UAE  में बना लिया। इस एप्लीकेशन के कॉल सेंटर श्रीलंका और नेपाल में भी बनाए गए। करीब 50 लाख लोग इसके मेंबर बन गए। गेमिंग ऐप के बैंक खाते से पिछले एक साल में 5000 करोड़ रुपयों से ज्यादा का लेन-देन किया गया।

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कैसे गेम्स के मार्फत ऑनलाइन सट्टा खेला जाता था?

इस गेम की शुरुआत केवल 500 रुपये से होती है। महादेव ऐप (Mahadev App) पर पोकर, कार्ड गेम, चांस गेम, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस और फुटबॉल जैसे कई लाइव गेम्स में सट्टा लगाया जा सकता है। कई लोगों ने इसमें पैसे लुटाए।  माना जाता है कि इसका नेटवर्क भारत के अलावा नेपाल, बांग्लादेश समेत अन्य कई देशों में फैला हुआ है। 

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ED के रडार पर कई सितारे, एक शादी से सुर्खियों में आए थे सौरभ

दिसबंर 2022 से ईडी इस केस की जांच कर रही थी, लेकिन इसके बाद भी इसी साल फरवरी में महादेव एप घोटाले के सरगना सौरभ चंद्राकर की शादी में सितारों का मेला लग गया। उसकी आलीशान शादी के वीडियो की काफी चर्चा हुई और इसके बाद ये वीडियो ईडी के हाथ भी लगा। ईडी ने उन सितारों को एक-एक करके बुलाना शुरु किया है। ईडी के मुताबिक, 112 करोड़ हवाला के जरिए एक इवेंट मैनेंजमेंट कंपनी को दिए गए, जिसने ये रकम कुछ फिल्मी सितारों को दी। बताया जा रहा है कि होटल बुकिंग के लिए 42 करोड रुपए नकद दिए गए। महादेव एप घोटाले को लेकर ईडी ने अब तक कोलकाता, भोपाल और मुंबई से करीब 417 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। दरअसल, सौरभ ये सोचता था कि ऐप का प्रमोशन अगर सितारे करेंगे तो लोग इसमें अधिक दिलचस्पी दिखाएंगे और उसकी ये बात सही निकली। 

प्लेयर्स हमेशा हारेगा, कंपनी हमेशा जीतेगी

महादेव ऐप बनाने वालों ने कलाकारी की। उन्होंने इस तरीके से ऐप को बनाया कि प्लेयर्स हमेशा पैसे खोता था और कंपनी फायदे में रहती थी। हालांकि शुरुआत में हारने वाले को भी जीता हुआ दिखाया जाता था, लेकिन यही कंपनी की प्लानिंग थी। कंपनी के खातों में जो पैसा आया, उसे हवाला के जरिए भारत समेत विदेशों में खातों में ट्रांसफर किया गया। करीब 10 हजार से ज्यादा बैंक खाते इसके लपेटे में हैं। पिछले चार सालों से ये ऐप चल रही थी।  

(PTI)

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