बृजभूषण सिंह ने यौन उत्पीड़न मामले में गवाहों के बयानों में विरोधाभास का दावा किया, अदालत से आरोपमुक्त करने का किया आग्रह

ADVERTISEMENT

Brij Bhushan Sharan Singh (File Photo)
Brij Bhushan Sharan Singh (File Photo)
social share
google news

Brij Bhushan Singh : भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सांसद बृज भूषण सिंह मामले में एक नया दावा हुआ है. ये दावा उनके वकील ने कोर्ट में किया है. इनका कहना है कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास है. ऐसे में प्रथम दृष्टया बृज भूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न का मामला बनता ही नहीं है. क्या है पूरा मामला. आइए जानते हैं.

Brij Bhushan Sharan Singh (File Photo)

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यौन उत्पीड़न (Sexual Assualt) मामले में गवाहों के बयानों में विरोधाभास का दावा करते हुए शनिवार को दिल्ली की एक अदालत से इस मामले में उन्हें आरोपमुक्त करने का आग्रह किया। बृजभूषण पर छह महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

बृजभूषण की ओर से अदालत में पेश हुए वकील राजीव मोहन ने दावा किया कि कानून के अनुसार, मामले को देखने के लिए बनाई गई निरीक्षण समिति को सात दिनों के भीतर प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश करनी थी। उन्होंने बताया कि चूंकि इस मामले में इस तरह की कोई सिफारिश नहीं की गई, इसलिए यह मान लेना चाहिए कि समिति को आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला नहीं मिला है। मामले की सुनवाई के दौरान सिंह अदालत में मौजूद नहीं थे क्योंकि उनके वकील ने अदालत में पेशी से उन्हें छूट देने की अर्जी दायर की थी, जिसे न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया था। न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर के लिए निर्धारित कर दी।

ADVERTISEMENT

 

    follow on google news
    follow on whatsapp

    ADVERTISEMENT

    यह भी पढ़ें...