ब्रिटिश PM जॉनसन ने तोड़ा तमीज़ का दायरा, रूसी राष्ट्रपति को 'मगरमच्छ' कहा, पुतिन गु़स्से से लाल

बातचीत किसी भी स्तर पर हो, लेकिन तमीज़ का दायरा बहुत मायने रखता है, अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने रूसी राष्ट्रपति के लिए जिस तरह मगरमच्छ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया, उसे सुनकर पुतिन अब क्या कहेंगे और क्या करेंगे, इस पर ही पूरी दुनिया की नज़र टिकी हुई है।
ब्रिटिश PM जॉनसन ने तोड़ा तमीज़ का दायरा, रूसी राष्ट्रपति को 'मगरमच्छ' कहा, पुतिन गु़स्से से लाल
ब्रिटिश PM बोरिस जॉनसन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

Russia - Ukraine War: रूस-यूक्रेन जंग के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भारत के दौरे पर हैं। ब्रिटेन से रवाना होने से पहले उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर जो बात कही थी वो बात पुतिन को अखर गई है।

बोरिस जॉनसन ने हालांकि अंग्रेज़ी में ही कहा 'क्रोकोडायल' पुतिन। हालांकि अंग्रेज़ अक्सर ऐसे संबोधन करके अपने ग़ुस्से और अपनी भड़ास का इज़हार भी करते रहते हैं। मगर बोरिस जॉनसन की इतनी अंग्रेज़ी तो पुतिन भी समझते हैं, तभी तो बोरिस जॉनसन के इतना कहते ही पुतिन ने जो रिएक्शन दिया, वो अपने आप में क़ाबिल-ए-ग़ौर है।

उनका तना हुआ चेहरा और ग़ुस्से से लाल हुई आंखें ज़ोर ज़ोर से कह रही थीं कि पुतिन इस बात से भीतर ही भीतर भड़क गए हैं। अब अपनी उस भड़ास को वो सामने कैसे ज़ाहिर करेंगे, ये तो पुतिन का अगला क़दम ही तय करेगा।

शांति बहाली पर बोरिस जॉनसन का तल्ख़ जवाब

Russia - Ukraine War: सवाल उठता है कि ये मगरमच्छ वाली बात आई कहां से। असल में हुआ ये कि भारत की यात्रा पर निकलते वक़्त कुछ पत्रकारों ने बोरिस जॉनसन से रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के सिलसिले में भी किया। और उसी सिलसिले के दौरान पत्रकारों ने पूछ ही लिया कि यूक्रेन में शांति बहाल करने के क्या उपाय हो सकते हैं।

इस पर प्रधानमंत्री जॉनसन का कहना था कि पुतिन से बातचीत करके यूक्रेन में अमन चैन क़ायम करना मुमकिन है ही नहीं, क्योंकि "आप उस मगरमच्छ से कैसे बात कर सकते हैं जब उसने आपका एक पैर अपने जबड़ों में दबा रखा हो। यूक्रेन के लोगों का यही हाल है।"

अब पुतिन क्या करेंगे, इस पर टिकी सबकी नज़र

Russia - Ukraine War: हालांकि दुनिया की सियासत के नज़रिये से और कूटनीतिक भाषा के नज़रिये से भी इस तरह की भाषा किसी भी लिहाज से तहज़ीब के दायरे में नहीं आ सकती। क्योंकि आख़िरकार व्लादिमीर पुतिन हैं तो एक देश के राष्ट्राध्यक्ष। और उस हैसियत के लोगों के लिए ऐसी तोहमतें शोभा नहीं देती। शायद शिष्टाचार का तक़ाज़ा यही है।

बहरहाल अब पीएम बोरिस जॉनसन ने जो कुछ कहा है, तो उन्हें रूसी राष्ट्रपति पुतिन के पलटवार का इंतज़ार भी होगा। लेकिन जहां तक पुतिन के बारे में दुनिया जानती है वो इतनी आसानी से किसी भी बात का रिएक्शन नहीं देते, बल्कि बड़ी ही तसल्ली से हलवा को ठंडा करके खाते हैं जैसा कि एक संजीदा और एक्सपर्ट जासूस के काम करने का तरीक़ा होता है।

इसलिए उम्मीद यही की जा रही है कि फिलहाल तो राष्ट्रपति पुतिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन बोरिस जॉनसन को पुतिन नज़र अंदाज़ कर जाएं, ऐसा तो मुमकिन हो ही नहीं सकता। पुतिन इसका जवाब तो देंगे लेकिन अपने ही अंदाज़ में। जिसकी गूंज दुनिया को जब सुनाई देगी तब समझ में आएगा कि ये है पुतिन का जवाब।

यूक्रेन को ऐसे मिला बूस्टर डोज़

Russia - Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध के दो महीने पूरे होने वाले हैं लेकिन ना रूस ने हमला करना छोड़ा है और ना ही यूक्रेन पीछे हटा है। अब नाटो से लड़ाकू विमानों की नई मदद मिलने से यूक्रेन की सेना को एक तरह से बूस्टर डोज़ भी मिल चुका है। ज़ेलेंस्की के सैनिक इस समय नये जोश के साथ फिर मोर्चे पर हैं। हालांकि अब रूस की तरफ से बड़े हमलों का खतरा बढ़ गया है।

रूस के हमलों की दूसरी लहर बहुत मारक है और इस बात की आशंका बढ़ गई है कि रूस कभी भी किसी बड़े हमले को अंजाम दे सकता है, जिससे यूक्रेन की हिम्मत टूट जाए और नाटो देश अगर यूक्रेन की मदद करने में और आगे बढ़े तो बाद बहुत आगे बढ़ जाएगी जिसे बढ़ाने से रूस कतई नहीं हिचकेगा।

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