एक जनहित याचिक पर सुप्रीम कोर्ट ने वकील से कहा आयुष्मान भव!

देश की सर्वोच्च अदालत अगर किसी भी मामले में कोई टिप्पणी करती है तो उसके कई गहरे अर्थ होते हैं। ऐसे ही एक PIL पर सुनवाई करते हुए Chief Justice of India एन वी रमणा ने जो टिप्पणी की वो दिलचस्प भी है और ग़ौर करने वाली।
एक जनहित याचिक पर सुप्रीम कोर्ट ने वकील से कहा आयुष्मान भव!
सुप्रीम कोर्ट का फ़ाइल चित्र

Latest Court News: सुप्रीम कोर्ट ने वकील से कहा आयुष्मान भव! आखिर ये बात सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही, वो कौन से हालात थे कि सुप्रीम कोर्ट को एक वकील पर टिप्पणी करनी पड़ी। असल में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील से कहा कि हम आपकी लंबी आयु के लिए प्रार्थना करेंगे।

देश भर की अदालतों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका के मामले में सुनवाई करते हुए चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस एन वी रमणा ने कहा कि ये मसला बेहद गंभीर है और हम यानी सुप्रीम कोर्ट इस पर काम कर रहे हैं।

वकील एम एल शर्मा की जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। और जनहित याचिका के जवाब में कहा गया है कि इस बाबत सभी आंकड़ों के साथ रिपोर्ट भी भेजी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि ये मसला गंभीर है जिसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के सभी हाईकोर्ट्स के चीफ़ जस्टिस और मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा होगी।

अदालतों की हालात को कोर्ट के संज्ञान में लाने का शुक्रिया

News From SC: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर हम अगले हफ़्ते बात करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने बाक़ायदा इस मामले पर चर्चा करते हुए कहा कि जनहित याचिका के ज़रिए इस मसले को कोर्ट के संज्ञान में लाने के लिए वाकई हम वकील साहब का धन्यवाद करते हैं।

असल में एम एल शर्मा की याचिका में देश की कई अदालतों की दशा का ज़िक्र किया गया है। याचिका के मुताबिक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में कई अदालतें किराए की इमारतों में चल रही हैं। असल में वो किराए का धंधा चल रहा है। ऐसी ही दुर्दशा देश के कई और शहरों में अदालतों की भी है।

वकील एम एल शर्मा ने कहा कि उनका स्वास्थ्य अच्छा नहीं चल रहा। उनके पास अब गिने चुने ही मामले हैं। बस अब तो यही इच्छा है कि इस बचे खुचे जीवन में वो पूरे हो जाएं। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि कि आप इस बाबत बिल्कुल चिंता ना करें। आपको कुछ भी नहीं होगा। आप यूं ही एक्टिव प्रैक्टिस के जरिए समाज की सेवा करते हुए सौ साल तक जिएंगे।

आप जनहित के मुद्दे उठाते रहें। हम ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि आपको पूरी शक्ति और ऊर्जा प्रदान करें। आपकी याचिका पर हम अगले हफ्ते विचार करेंगे। तब तक सीजे और सीएम की कॉन्फ्रेंस भी हो जाएगी। हमारे पास उस कॉन्फ्रेंस में हुए विचार का आधार भी होगा।

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