Noida Twin Tower Demolition: ट्विन टावर के इन्वेस्टर्स का क्या हुआ, कितने लोगों ने लगाया पैसा, किसे मिली वापस?

Noida Twin Tower Demolition: कुतुब मीनार से भी ज्यादा ऊंचे नोएडा के सेक्टर 93A में स्थित सुपरटेक ट्विन टावर को आज जमींदोज कर दिया जाएगा.
Noida Supertech Twin Towers test blast
Noida Supertech Twin Towers test blast

Noida Twin Tower Demolition: कुतुब मीनार से भी ज्यादा ऊंचे नोएडा के सेक्टर 93A में स्थित सुपरटेक ट्विन टावर को आज जमींदोज कर दिया जाएगा. ध्वस्तीकरण दोपहर ढाई बजे किया जाना है. जानकारी के मुताबिक ये पूरी प्रक्रिया महज 15 सेकंड के अंदर पूरी हो जाएगी. इसी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इलाके की सड़कों को बंद कर दिया गया है. साथ ही आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों को भी सुबह 7 बजे तक सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया था.

लेकिन उन लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं, जिन्होंने सुपरटेक ट्विन टावरों में फ्लैट खरीदने के लिए भुगतान किया था. लेकिन अभी तक रिफंड नहीं मिला है. दरअसल, ट्विन टावर में 711 लोगों ने फ्लैट्स खरीदे थे, इसमें से 652 लोगों के साथ सेटलमेंट कर लिया गया है, जबकि 59 ग्राहकों को अभी तक रिफंड नहीं मिला है.

दरअसल, ट्विन टावर में फ्लैट खरीदने वाले लोगों का कहना है कि उनका पैसा वापस किया जाए. इस मामले में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी. न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा था कि IPR को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 30 सितंबर तक 1 करोड़ रुपये जमा करने होंगे, ताकि सुपरटेक होमबॉयर्स को कुछ भुगतान किया जा सके. वहीं याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा था कि खरीदारों का कुल 5.15 करोड़ रुपया लंबित है. इस मामले में सीआरबी और सुपरटेक के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है.

क्या कहा था एमिकस क्यूरी ने?

वहीं एमिकस क्यूरी ने सुझाव दिया था कि हम सुपरटेक से कह सकते हैं कि अन्य परियोजनाओं को बेचने के बाद खरीदारों को किश्तों में भुगतान किया जाए. इसके साथ ही ये भी देखा जाए कि ऐसी कौन सी संपत्ति हैं, जिन्हें बेचा जा सकता है, ताकि घर खरीदारों को भुगतान किया जा सके.

711 ने बुक कराए थे फ्लैट्स, 59 को नहीं मिला रिफंड

ट्विन टावर में 711 ग्राहकों ने फ्लैट्स बुक कराए थे. सुपरटेक ने 652 ग्राहकों के साथ सेटलमेंट कर लिया है. बुकिंग अमाउंट और ब्याज मिलाकर रिफंड का विकल्प आजमाया गया. मार्केट या बुकिंग वैल्यू+इंटरेस्ट की कीमत के बराबर प्रॉपर्टी दी गई. प्रॉपर्टी की कीमत कम या ज्यादा होने पर पैसा रिफंड किया या अतिरिक्त रकम ली गई. जिन लोगों को बदले में सस्ती प्रॉपर्टी दी गई, उनमें सभी को अभी तक बाकी रकम नहीं मिली है. ट्विन टावर्स के 59 ग्राहकों को अभी तक रिफंड नहीं मिला है.

31 मार्च थी रिफंड की लास्ट डेट

31 मार्च 2022 रिफंड की आखिरी तारीख थी. दरअसल, 25 मार्च को सुपरटेक के इंसोल्वेंसी में जाने से रिफंड की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई. हालांकि इंसोल्वेंसी में कुछ हिस्सा जाने के बावजूद और बाकी हिस्सा दिवालिया प्रक्रिया से बाहर होने पर भी सभी को रिफंड नहीं मिला. कुछ लोगों को प्लॉट/फ्लैट देकर बकाया रकम बाद में देने का वादा भी अभी तक अधूरा ही है. इंसोल्वेंसी में जाने के बाद मई में कोर्ट को बताया गया कि सुपरटेक के पास रिफंड का पैसा नहीं है.

आसपास रहने वाले लोगों का दर्द

ट्विन टावर गिरने की जद में आने वाले फ्लैट और उसमें रहने वाले परिवारों को डर सता रहा है. उनका कहना है कि ध्वस्तीकरण के बाद जब वो अपने घर में वापस लौटेंगे तो क्या सब कुछ सही सलामत मिलेगा? उनका कहना है कि उनके फ्लैट का इंश्योरेंस तो सुपरटेक ने कराया है, लेकिन घर में मौजूद सामान का क्या होगा?

150 फ्लैट 9 से 30 मीटर के दायरे में
ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के बेहद नजदीक करीब डेढ़ सौ फ्लैट ऐसे हैं जो महज 9 मीटर से करीब 30 मीटर के दायरे में आते हैं. ऐसे में इनको सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ सकता है. इन्हीं फ्लैट में रहने वाले परिवार वालों में से एक एमराल्ड कोर्ट सोसायटी में रहने वाली मोनिका ने बताया कि सुपरटेक ने तो हमें यह फ्लैट बेचकर अपने रुपये बना लिए, लेकिन नई मुसीबत हमारे लिए खड़ी करके चला गया. अभी जो दुख हम झेल रहे हैं, उसे बयां भी नहीं कर सकते.

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