आतंक का सीना छलनी करके घाटी में सुरक्षा बल की क़दमताल तेज़, अवंतीपोरा में एक आतंकी ढेर

इस वक़्त कश्मीर घाटी में आतंकियों की कमर पूरी तरह से टूट चुकी है। छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो कश्मीर घाटी में पिछले एक साल के दौरान आतंकियों के मंसूबों पर सुरक्षा बल ने पूरी तरह से पानी फेर रखा है। जम्मू कश्मीर के अवंतीपोरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हो रही है और एक आतंकी ढेर हो चुका है।
आतंक का सीना छलनी करके घाटी में सुरक्षा बल की क़दमताल तेज़, अवंतीपोरा में एक आतंकी ढेर
जम्मू कश्मीर के अवंतीपोरा में सुरक्षा बल ने घेरा लगाया

जम्मू कश्मीर के अवंतीपोरा में सुरक्षा बल और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। ख़बर मिली है कि त्राल इलाक़े में सुरक्षा बल ने मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी मार गिराया गया। जबकि इस वक़्त पुलिस और सुरक्षा बल की टीम पूरे इलाक़े में सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। आशंका है कि त्राल और उसके आस पास के इलाक़े में कई और आतंकी छुपे हो सकते हैं।

पिछले चाल साल से भारतीय सुरक्षा बल ने घाटी में ऑपरेशन आलआउट चला रखा है। जिसका नतीजा ये हुआ है कि अब घाटी में गिने चुने और छुटभैया आतंकी ही बचे रह गए हैं। जबकि सीमा पार से घुसपैठ की घटनाओं में भी काफी कमी देखी गई है।

आतंकियों की चाल के लगातार नाकाम होने की वजह से अब घाटी में सक्रिय आतंकी संगठनों के कमांडरों में एक अजीब सी बेचैनी महसूस की जा रही है। सुरक्षा बल के सूत्रों के मुताबिक यहां आतंकी बेचैनी की वजह से अब सुरक्षा बल और सेना के लोगों पर निशाना साधने की फिराक़ में लगे हुए हैं और जब उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाती तो वो बेबस और बेसहारा लोगों खासतौर पर मज़दूरों को अपनी सनक का निशाना बना देते हैं।

सुरक्षा बल के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि अब घाटी में आतंकियों का नेटवर्क क़रीब क़रीब ख़त्म हो चुका है। हालांकि ये बात ग़ौर करने वाली है कि पिछले मंगलवार को मैसूमा इलाक़े में आतंकवादियों ने घात लगाकर किए एक हमले में CRPF के एक जवान को शहीद कर दिया था, जबकि एक जवान घायल हो गया था।

हुआ ये था कि मौसूमा इलाक़े में CRPF के जवानों की गश्त के समय आतंकियों की एक टोली ने फायरिंग करनी शुरू कर दी थी, जिससे दो जवानों को गोलियां लगी थी। लेकिन उसके बाद सुरक्षा बल ने इलाके को घेरकर आतंकियों का सफाया कर दिया था।

अवंतीपोरा में आतंकियों को घेरने की कोशिश में सुरक्षा बल के जवान
अवंतीपोरा में आतंकियों को घेरने की कोशिश में सुरक्षा बल के जवान

एक अप्रैल को भी जम्मू कश्मीर के शोपियां ज़िले में भी सुरक्षा बल के साथ आतंकियों की एक मुठभेड़ हुई थी। जिसमें एक आतंकी मार गिराया गया था।

अभी तक जितने भी आतंकियों को सुरक्षा बल ने मार गिराया है उसमें से ज़्यादातर का नाता स्थानीय आतंकी संगठनों से ही रहा है। उनके बारे में न तो सीमा पार बैठे आतंकी संगठनों ने कोई दावा किया और न ही उनकी तरफ से किसी भी तरह की कोई जवाबी हमले का कोई संकेत मिला है।

घाटी में सुरक्षा बल का पहरा और घेरा दोनों ही सख़्त होता जा रहा है। सीमा पार से होने वाली घुसपैठ पर काफी हद तक लगाम लगाई जा चुकी है। हालांकि बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक POK की तरफ पाकिस्तान के कई आतंकी संगठन के क़रीब 100 से ज़्यादा आतंकवादी इस वक़्त अलग अलग लॉंचिंग पैड में मौजूद है जो घुसपैठ की ताक में बैठे हैं।

हालांकि पाकिस्तान की सीमा पर पिछले एक साल से काफी हद तक शांति बनी हुई है लेकिन ये बात नहीं भूलनी चाहिए कि आतंकियों को इसी वक़्त की तलाश रहती है, आमतौर पर आतंकी ऐसे ही मौके की ताक में रहते हैं जब सुरक्षा बल के जवान घुसपैठ की कमी को देखकर थोड़ा विश्राम की मुद्रा में आ जाते हैं। लेकिन BSF के सूत्रों की तरफ से कहा गया है कि पक्की रिपोर्ट यही है कि 100 से 135 के क़रीब आतंकी POK के अलग अलग लॉंचिंग पैड में पिछले चार महीनों से मौके की ताक में बैठे हैं।

देश के अलग अलग हिस्सों में चुनाव की वजह से देश की सीमाओं पर चौकसी तेज़ कर दी गई थी जिससे उनके मंसूबों पर पानी फिर गया था। मगर अब गर्मियों में ऊपर के पहाड़ पर बर्फ भी पिघल चुकी है ऐसे में आतंकियों के लिए रास्ते खुल गए हैं और वो पहाड़ी नालों और नदियों के सहारे हिन्दुस्तान की हद में दाखिल होने की कोशिश कर सकते हैं जिसके लिए सुरक्षा बलों ने अपनी निगाहें और गश्त दोनों ही तेज़ कर दी है।

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