हिंसा से पहले किसका फ़ोन मिला था अंसार को? दिल्ली पुलिस ने जोड़े तार, दो और लोग गिरफ़्तार

दिल्ली में जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती वाले रोज़ भड़की हिंसा से जुड़ी बिखरी हुई कड़ियों को जोड़ते हुए दिल्ली पुलिस ने अब तक तीन ऐसे आरोपियों को गिरफ़्तार किया है जिन इस हिंसा की साज़िश में भी शामिल होने का शक है, लेकिन अभी भी सवाल क़ायम है कि वो फोन किसका था?
हिंसा से पहले किसका फ़ोन मिला था अंसार को? दिल्ली पुलिस ने जोड़े तार, दो और लोग गिरफ़्तार
जहांगीरपुरी हिंसा के बाद तैनात दिल्ली पुलिस

Latest Crime News: सिर्फ एक फोन कॉल और सुलग उठा दिल्ली का जहांगीरपुरी। पुलिस की अब तक की तफ्तीश का खुलासा यही है कि जिस दंगे की आग ने जहांगीरपुरी को झुलसाया, जिसने देश की राजधानी को सहमने को मजबूर कर दिया। और जिसकी वजह से एक बार फिर दिल्ली का नाम ख़राब हुआ उसकी जड़ में है वो एक फोन कॉल, जिसके एक सिरे पर तो आरोपी अंसार था, लेकिन दूसरे सिरे पर कौन था, पुलिस उसी परछाईं का पीछा कर रही है।

पुलिस की अब तक की छानबीन में जो अंदर की बातें पता चली हैं उसके मुताबिक हनुमान जयंती वाले रोज़ जहांगीरपुरी में शोभायात्रा जैसे ही मस्ज़िद के पास पहुँची तो बवाल शुरू हो गया।

असल में पुलिस से जुड़े सूत्रों पर यकीन किया जाए तो मुख्या आरोपी अंसार के पास एक फोन आया था। और उसके बाद सारा मंज़र बदल गया। दिल्ली पुलिस को अब तक जो जानकारी मिली है कि फोन आने के कुछ देर के भीतर ही अंसार अपने चार पांच साथियों के साथ उसी मस्जिद के पास पहुँच गया जहां से दंगा भड़का।

दिल्ली पुलिस के हाथ लगा फोन का एक सिरा

Jahangirpuri Hinsa News: हुआ ये कि अंसार और उसके साथ वहां पहुँचे लोगों ने शोभायात्रा में शामिल लोगों के साथ बहसबाज़ी शुरू कर दी। और वो बहस देखते ही देखते झड़प में बदल गई। इससे पहले ये मुंह ज़ुबानी झड़प कुछ शांत हो पाती, तभी पत्थरबाज़ी शुरू हो गई।

जहांगीरपुरी में दंगे के भड़काने वाली शुरुआती चिंगरी को तलाश रही पुलिस को एक अभी तक उसका एक ही सिरा हाथ लगा है।

बताया ये जा रहा है कि पुलिस ने अब अंसार को रिमांड में लेकर उसके फोन को खंगालना शुरू कर दिया है। अंसार और असलम की पुलिस कस्टडी भी बढ़ा दी गई है। अगले दो रोज़ तक पुलिस इन दोनों से उस रोज का पूरा सच उनके सीने से निकलवा लेना चाहती है। ताकि दंगों के असली कुसूरवार तक पहुँचा जा सके।

जहांगीरपुरी हिंसा का मुख्यआरोपी अंसार
जहांगीरपुरी हिंसा का मुख्यआरोपी अंसार

हिंसा का असली मास्टरमाइंड

Police Arrest Mastermind: जहांगीरपुरी की हिंसा में अंसार का रोल संदिग्ध है। इसका पता चलते ही पुलिस ने सबसे पहले उसे ही गिरफ़्तार किया था। पुलिस ने जिस वक़्त अंसार को गिरफ़्तार किया उसने खुद भी कुबूल कर लिया कि दंगे में वो शामिल था। इसी बीच शोभायात्रा के संयोजक और हिंसा में ज़ख़्मी हुए उमा शंकर दुबे ने तो अंसार पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

पुलिस की अब तक की जांच में जो सामने आया उसके मुताबिक दिल्ली के अमन चैन के तीन दुश्मन निकले जिसमें से एक तो अंसार था जो फिलहाल दिल्ली पुलिस की गिरफ़्त मे हैं। लेकिन इसे अलावा भी दो और दुश्मन हैं। एक का नाम है असलम और दूसरा है सोनू शेख।

असलम को अंसार के साथ पुलिस पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है जबकि सोनू शेख को पुलिस ने सोमवार की शाम गिरफ़्तार किया। सोनू शेख़ वही है जिसने 16 अप्रैल की शाम जहांगीरपुर में गोली चलाई थी और गोली चलाता हुआ दिखाई भी दिया था।

नीले कुर्ते में छुपी थी काली साज़िश

Delhi Riot Latest: उस रोज हिंसा के वक़्त सोनू शेख ने नीले रंग का कुर्ता पहन रखा था और तस्वीरों में वो पिस्तौल ताने दिखाई दे रहा था। लिहाजा जहांगीरपुरी हिंसा मामले में तफ्तीश करने उतरी पुलिस को पहले दिन से ही नीले कुर्ते वाले सोनू शेख की तलाश थी। जहांगीरपुरी यानी दिल्ली 33 के कुशल चौक इलाक़े में सोनू शेख के गोली चलाने से सारा इलाक़ा सुलग उठा था और हनुमान जयंती की सोभा यात्रा की हिंसा भड़क चुकी थी।

ब्लू कुर्ता वाले गोलीबाज का वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने उसकी पूरी कुंडली निकालकर खंगाल ली। देखते ही देखते उसका नाम, पता, घर-परिवार के बारे में पुलिस को सब मालूम पड़ गया। चिकन का काम करने वाले सोनू शेख के घर पर पुलिस ने सोमवार को दबिश दी और उसके भाई सलीम शेख को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

तब जाकर सोनू शिकंजे में आया, पुलिस ने सोमवार की देर शाम जहांगीरपुरी के मंगल बाजार से ही सोनू शेख को गिरफ्तार किया। और सोनू को गिरफ़्तार करने के बाद पुलिस की पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ जो रात भर चलता रहा।

सोमवार की शाम मंगलबाज़ार से पकड़ा गया सोनू शेख, जिसने फ़ायरिंग की थी।
सोमवार की शाम मंगलबाज़ार से पकड़ा गया सोनू शेख, जिसने फ़ायरिंग की थी।

ये हैं दिल्ली पुलिस के ज़रूरी सवाल

Jahangirpuri Riot असल में पुलिस सोनू से ये भी जान लेना चाहती है कि आखिर वो कौन से हालात थे जब गोली चलाने की नौबत आई? उसकी गोली के निशाने पर असल में कौन था? इसके साथ साथ उसके पास पिस्तौल कहां से आया? वो किन किन लोगों के संपर्क में था?

पुलिस को इस दंगे में साज़िश की महक भी महसूस हो रही है लिहाजा सोनू शेख से ये भी पूछताछ हो रही है कि आखिर इस हिंसा से पहले साज़िश कब कहां और कैसे रची गई? सोनू शेख का फोन भी मुमकिन है कि इस तफ्तीश में पुलिस के सामने कुछ तस्वीरों को साफ कर सके। क्योंकि पुलिस को ये तो पता है कि 16 अप्रैल की शाम को सोनू शेख ने किसी को फोन किया था।

कहां ग़ायब है अमन को झुलसाने वाला 'गुल्ली'

Latest Delhi Riot Update: हालांकि पुलिस जहांगीरपुरी हिंसा के लिए अभी तक अंसार और असलम को ही मास्टरमाइंड मान कर चल रही थी लेकिन अब लगता है कि इस साज़िश में सोनू शेख भी शामिल है। हालांकि पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि असल में ये तीनों किसी के इशारे पर काम कर रहे थे। और उसी तीसरे शख्स के कहने पर ही इस हिंसा को इस तरह से अंजाम दिया गया था।

पुलिस इन तीनों आरोपियों से ये भी पूछ लेना चाहती है कि आखिर इन सभी के पास हथियार कहां से आए। यानी दिल्ली में हथियारों की सप्लाई किसने की थी और इस साज़िश को कितने रोज पहले तैयार किया गया था। सूत्रों की मानें तो अभी पुलिस को एक गुल्ली नाम के शख्स की तलाश है। ये गुल्ली कौन है और इस हिंसा में उस गुल्ली का क्या रोल था, इसे जाने बगैर हिंसा का पूरा सच सामने आना मुश्किल है।

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