ग़ाज़ियाबाद में एक खाली प्लॉट पर मिली गोलियों से छलनी दो लाशें, इन सवालों में उलझ गई पुलिस

ग़ाज़ियाबाद में एक खाली प्लॉट से मिली गोलियों से छलनी दो लाशों ने पुलिसवालों को काम के बोझ से लाद दिया है। ये तो पता चल चुका है कि वो दो कौन लोग हैं जिनको गोलियों से भून कर ठिकाने लगा दिया गया। मगर वो कौन हैं जिन्होंने ये गुनाह किया है?
ग़ाज़ियाबाद में एक खाली प्लॉट पर मिली गोलियों से छलनी दो लाशें, इन सवालों में उलझ गई पुलिस
सांकेतिक तस्वीर

Latest Crime News: गाजियाबाद के कविनगर से एक सनसनाती हुई ख़बर जैसे ही शहर की हवा में फैली तो एक घबराहट हर चेहरे पर दिखने लगी थी। असल में कविनगर थाना इलाक़े के एक खाली प्लॉट से दो लोगों की लाशें मिलीं जिन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया था।

उसी प्लॉट से कारतूस के खोखे भी मिले। दिन निकलने के साथ ही ये खबर तेज़ी से पहले इलाक़े में फैली और देखते ही देखते इलाक़े की हद से बाहर निकलकर समूचे शहर में टॉक ऑफ़ द टाउन हो गई।

हर किसी की जुबान पर खबर सुनते ही सवालों की पूरी एक लड़ी तैयार थी, कौन हैं, किसने मारा, क्यों मारा, पुलिस क्या कर रही थी वगैराह वगैराह?

फिलहाल तो ये डबल मर्डर शहरवालों की खुसर फुसर के साथ पुलिसवालों के लिए एक पहेली भी बना हुआ है। कम से कम पुलिसवालों और पुलिस अफ़सरों की बातचीत से तो यही पता चलता है कि उन्हें इस डबल मर्डर की गुत्थी ने बुरी तरह से उलझा दिया है।

एक खाली प्लॉट पर दो गोलियों से छलनी लाशें

Ghaziabad Murder : ये वाकया बुधवार की देर रात का है। ग़ाज़ियाबाद के कविनगर में वेव सिटी है। उसी वेव सिटी के सेक्टर 4 में दो लोगों की लाश खाली प्लॉट के पास पड़ी हुई थी। और उन्हीं लाशों के आस पास कारतूस के खोखे बिखरे हुए थे।

प्लॉट में दो लोगों की लाश पड़ी है, ये खबर जैसे ही कविनगर थाना की पुलिस के पास पहुँची तो पुलिस का सारा अमला अफ़सर से सिपाही तक अपना सारा काम धाम छोड़कर दौड़े दौड़े उसी खाली प्लॉट पर जा पहुँचे। वहां जाकर देखा तो गोलियों से छलनी दों लाशें दिखाई दी।

पुलिस ने सबसे पहले उन दोनों लाशों की शिनाख़्त करनी शुरू की तो थोड़ी ही देर में पुलिस को उन दोनों की पहचान मिल गई। उनमें से एक 33 साल का जितेंद्र था जबकि दूसरा 32 साल का हरेंद्र चंदेला। दोनों ही ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना इलाक़े के रहने वाले थे।

ग़ाज़ियाबाद में किसने ठिकाने लगाईं दो लाशें

Ghaziabad Murder Suspense: पहचान पुख़्ता होने के बाद पुलिस ने लाशों को तो पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और खुद उन बुनियादी सवालों की गहराई में उतरती चली गई जिससे हत्या की इस वारदात की असलियत का अंदाज़ा लगाया जा सके।

पुलिसवालों के लिए ये सवाल सबसे अहम था कि आखिर गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर इलाक़े में रहने वाले दो लोगों को क्या ग़ाज़ियाबाद लाकर गोली मारी गई? या फिर उन्हें कहीं और गोली मारकर यहां लाकर फेंक दिया गया और पुलिस को गुमराह करने के लिए कारतूस के खोखे लाश के पास बिखेर दिए गए।

क्योंकि जिस जगह से पुलिस को दो लाशें मिलीं...उसके आस पास के लोगों को ऐसी कोई हरक़त होती नज़र नहीं आई जो इस वारदात के लिए कोई सुराग़ बन सके। इतना ही नहीं आस पास के लोग पुलिस को ये तक भी नहीं बता सके कि उन्होंने रात के वक़्त किसी गोली की आवाज़ को भी सुना हो। ऐसे में पुलिस का यही अंदाज़ा है कि बहुत मुमकिन है कि इन दोनों को कहीं और मारकर यहां खाली प्लॉट में ठिकाने लगा दिया गया और पुलिस की तफ़्तीश का रास्ता भटकाने के लिए कारतूस के खोखे बिखेर दिए गए।

लिहाजा पुलिस ने अब उन दो लाशों को ग़ाज़ियाबाद के कविनगर में ठिकाने लगाने वाले लोगों का पता लगाने के लिए पुलिसवालों को दौड़ा दिया है।

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