Who is Goldy Barar: कनाडा में छुपा बैठा भगोड़ा, जिसे गैंग के गुर्गे इसलिए बुलाते हैं डॉक्टर

Who is Goldy Barar: सिद्धू मूसेवाला (Siddhu Moosewala) की हत्या (murder) के बाद से ही गोल्डी बराड़ (Goldy Barar) के बारे में हर कोई जानना चाहता है। कनाडा (Canada) में छुपे गैंगस्टर (Gangster) का सच।
Who is Goldy Barar: कनाडा में छुपा बैठा भगोड़ा, जिसे गैंग के गुर्गे इसलिए बुलाते हैं डॉक्टर
गोल्डी बराड़ का फाइल चित्र

Who is Goldy Barar: पंजाबी सिंगर (Punjabi Singer) सिद्धू मूसेवाला (Siddhu Moosewala) की हत्या के बाद से ही गोल्डी बराड़ (Goldy Barar) और लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) का नाम सुर्खियों में है। कनाडा (Canada) में रहने वाले गोल्डी बराड़ का इस वारदात में इतना गहरा नाता क्यों है? और वो कौन सी बात है कि सात समंदर पार बैठे इस गैंगस्टर (Gangster) को गैंग के लोग डॉक्टर क्यों बुलाते हैं।

सुनकर बात हज़म नहीं हो रही। लेकिन ये सच है। पंजाब में एक जबरन रिटायर किए गए ASI के बेटे गोल्डी बराड़ को गैंग के लोग इसलिए डॉक्टर कहकर बुलाते हैं क्योंकि गैंग के लोगों को लगता है कि दुनिया की हर बीमारी और तक़लीफ़ का इलाज़ गोल्डी के पास मौजूद है। वो अपने रुतबे, अपने पैसे और अपनी हनक के साथ साथ अपने लंबे चौड़े नेटवर्क की वदौलत दुनिया के किसी भी हिस्से में कोई भी वारदात बड़ी आसानी से अंजाम दे सकता है।

कनाडा में बैठकर सुपारी किलिंग करने में माहिर गोल्डी बराड़ का नाम पंजाब का मशहूर सिंगर और कांग्रेसी नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से ही हर तरफ चर्चा में है। पंजाब में हर दूसरी हत्या के बाद यही नाम पुलिस से लेकर पब्लिक की जुबान पर आ जाता है। कम से कम पिछले कुछ अरसे के दौरान इस अकेले नाम ने पंजाब के लोगों में अच्छी खासी दहशत फैलाई है।

कनाडा से गैंग ऑपरेट करने वाला शातिर गैंगस्टर

Punjab Gangsters: गोल्डी बराड़ का असली नाम सतेंद्र जीत सिंह है। पंजाब के मुक्तसर का रहने वाला है लेकिन पिछले काफी अरसे से वो कनाडा में ही छुपा बैठा है और वहीं से पंजाब में अपना गैंग ऑपरेट कर रहा है। चंडीगढ़ के DAV कॉलेज में पढ़ा गोल्डी बराड़ एक तरह से पंजाब के जाने माने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सीनियर भी है। और वही लॉरेंस बिश्नोई को एक तरह से गुनाह की दुनिया में लेकर आया।

गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में ASI के पद से जबरन रिटायर करवाए गए हैं क्योंकि पिछले ही साल उन पर एक हत्या की वारदात में शामिल होने का इल्ज़ाम लगा था। और उसी के बाद उन्हें पुलिस महकमें ने रिटायर कर दिया।

कोड नेम से गैंग चलाता है गोल्डी बराड़

Punjab Gang war News: गोल्डी बराड़ के गैंग से जुड़े नज़दीकी सूत्रों के मुताबिक गोल्डी अपने गैंग को कोड नेम से चलाता है। और सबसे ख़ास बात ये है कि वो सोशल मीडिया का खुलकर इस्तेमाल भी करता है। ये भी बताया जाता है कि वो या तो सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करता है या फिर इंटरनेट कॉलिंग पर ही बात करता है, जिसकी वजह से उसे ट्रैक करना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता है।

गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई ने मिलकर पंजाब में रंगदारी वसूलने का गैंग चलाया था। लेकिन कहा जाता है कि युवा कांग्रेसी नेता गुरलाल पहलवान की हत्या में गोल्डी बराड़ का नाम पहली बार सामने आया। जब पुलिस को गोल्डी के बारे में भनक लगी तो पुलिस के उस तक पहुँचने से पहले ही गोल्डी हिन्दुस्तान छोड़कर कनाडा भाग गया था।

कनाडा पुलिस में भी हैं गोल्डी के मुखबिर!

Gangs Of Punjab: गोल्डी बराड़ की पहुँच के बारे में कहा जाता है कि कनाडा की रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस में भी उसने अपने आदमी बैठा रखे हैं जिसकी वजह से कनाडा पुलिस भी जब कभी गैंगस्टर्स के ख़िलाफ़ कोई मुहिम चलाती है तो उसे पहले से ही पता चल जाता है और वो या तो अंडरग्राउंड हो जाता है या फिर कुछ दिनों के लिए कनाडा से दूर चला जाता है।

कुछ अरसा पहले कनाडा ने पंजाब के उन गैंगस्टर्स के ख़िलाफ़ बाकायदा एक मुहिम चलाई थी जो कनाडा के वेंकुवर, टोरंटो और ओंटारियो जैसे शहरों में अपना गैंग चला रहे थे। कनाडा की पुलिस ने सभी का सफाया किया लेकिन गोल्डी बराड़ अब भी वहां से बैठा अपना गैंग न सिर्फ पंजाब में बल्कि कनाडा में भी चला रहा है।

गोल्डी बराड़ ने ही अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर बाकायदा लिखित दावा किया था कि सिद्धू मूसेवाला को मौत के घाट उतारने की आखिर वो वजह कौन सी थी। उसी दावे में गोल्डी बराड़ ने ये बात भी उजागर कर दी थी कि इस हत्याकांड के पीछे कौन है और क्यों है। सोशल मीडिया में लिखी अपनी चिट्ठी में गोल्डी बराड़ में लिखा था कि इस हत्या कांड के पीछे कैसे वो और लॉरेंस बिश्नोई गैंग शामिल है।

सोशल मीडिया पर गोल्डी बराड़ का दावा
सोशल मीडिया पर गोल्डी बराड़ का दावा

मूसेवाला से गोल्डी बराड़ की थी पुरानी खुन्नस

Punjab Gang Story in Hindi: गोल्डी बराड़ ने ये भी दावा किया था कि सिद्धू मूसेवाला का क़त्ल इसलिए किया गया क्योंकि मूसेवाला का नाम विक्रमजीत सिंह मिद्दूखेड़ा की हत्या में सामने आया था। गोल्डी का कहना है कि मूसेवाला का नाम सामने आने के बावजूद पंजाब पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके अलावा गोल्डी बराड़ से एक और साथी अंकित भाड़ू के एनकाउंटर के पीछे भी मूसेवाला का हाथ बताया जा रहा है। असल में गोल्डी बराड़ मूसेवाला से इसलिए चिढ़ा हुआ था क्योंकि उसे यही लगता था कि सिद्धू उसके और उसके साथियों के ख़िलाफ़ दूसरे गैंगवालों की मदद कर रहा है।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद ही हर तरफ इस बात की तलाश तेज़ हो गई कि आखिर ये गोल्डी बराड़ कौन है, जिसने सात समंदर पार से बैठे बैठे एक मशहूर सिंगर और A+ सुरक्षा में घिरे रहने वाले कांग्रेसी नेता को कैसे गोलियों से छलनी करवा दिया।

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