Quad Summit: जापान की हवाई सीमा के पास चीन और रूस के लड़ाकू विमानों की वॉर ड्रिल

आमतौर पर जहां कहीं भी राष्ट्राध्यक्ष आपस में मेल मुलाक़ात कर रहे होते हैं उसका आसमान पूरी तरह से सुरक्षा के दायरे में ही रहता है। लेकिन जापान में सुरक्षा का ये दायरा टूट गया
Quad Summit: जापान की हवाई सीमा के पास चीन और रूस के लड़ाकू विमानों की वॉर ड्रिल
क्वाड देशों की मीटिंग के दौरान जापान के आसमान पर चीन के लड़ाकू विमान

Latest News:जिस वक़्त जापान की राजधानी टोक्यो में क्वाड देशों के शीर्ष नेता आपस में मुलाक़ात कर रहे थे ऐन उसी वक़्त चीन और रूस ने जापान की हवाई सीमा की हद लांघ ली। चीन और रूस के लड़ाकू जेट्स ने जापान की हवाई सीमा के बेहद नज़दीक वॉर ड्रिल कर डाली। ये बात अब जापान की सरकार खुद मान रही है।

दुनिया जानती है कि क्वाड देशों में जापान के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और भारत शामिल हैं। लेकिन चीन और रूसी जहाज़ों की इस हरकत के बारे में अभी तक इन चारों राष्ट्रों में से किसी की तरफ से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों से पता चला है कि चारो देश इस मामले में बेहद गंभीर हैं।

हालांकि इस क्वाड मीटिंग को लेकर चीन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि क्वाड के देश चीन के ख़िलाफ़ साज़िश रच रहे हैं। चीन का इल्ज़ाम है कि क्वाड के सभी देश चीन के समुद्री रास्तों और चीन के समंदर पर अपनी नज़र गड़ाए बैठे हैं और अपनी ताक़त के दम पर चीन को दबाने की साज़िश रच रहे हैं।

जापान के आसमान पर दिखी चीन की बौखलाहट

Latest World News: हालांकि पिछली बैठक के बाद ही क्वाड देशों की तरफ से ये बात साफ की गई थी कि क्वाड देशों की आपसी सहमति और सहयोग का ये मतलब कतई नहीं है कि वो चीन के ख़िलाफ़ किसी प्रकार की कोई द्वेश की भावना रखते हैं। इस क्वाड के मामले में चीन से कोई लेना देना ही नहीं हैं। क्वाड देश अपनी सामरिक और व्यापारिक पृष्ठभूमि के आधार पर आपसी सहयोग पर जोर दे रहे हैं और एक दूसरे की जरूरत के आधार पर एक दूसरे की सैन्य शक्तियों का आपस में बटवारा करने के लिए इस संगठन को तैयार कर रहे हैं।

जापान के रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए बयान के आधार पर मंगलवार की दोपहर को चीन और रूस के फाइटर विमानों ने जापान की सीमा के बेहद नज़दीक उड़ान भरी थी। चीन और रूस के इन विमानों की इस उड़ान को देखते हुए भारत समेत अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने भी इस मामले में अपना रुख साफ कर दिया है कि मामला अनदेखा करने वाला कतई नहीं है।

उधर जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी चीन के सामने अपना विरोध जता दिया। जापान का कहना है भारत ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के राष्ट्र प्रमुख उनके देश में मौजूद हैं ऐसे में चीन की तरफ से की गई ये हरकत नाकाबिले बर्दाश्त है।

चार देशों की चहलकदमी से चीन को आने लगे चक्कर

World News In Hindi: जापान ने ये भी साफ कर दिया है कि चीन पिछले कुछ अरसे में लगातार जापान की वायू सीमा की हदों को तोड़ता आया है। नवबंर से अब तक चीनी विमानों ने चार बार जापान की सीमा के पास इस तरह की उड़ान भरकर सभी को बुरी तरह से चौंकाया है। इसको लेकर जापान बेहद गंभीर है।

जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रूस और चीन के दो दो फाइटर विमानों ने पूर्वी सीमा के नज़दीक उड़ान भरी थी। ये विमान प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्से में मौजूद थे, जहां जापान और चीन की सीमाएं मिलती हैं। चीन के फाइटर विमानों से पहले रूसी विमानों ने इसी इलाक़े में उड़ान भरी थी। लिहाजा जापान ने दोनों देशों के साथ अपनी नाराज़गी जाहिर कर दी है।

असल में क्वाड देशों के किए जा रहे फैसलों को लेकर चीन बुरी तरह से बौखलाया हुआ है। क्वाड देशों ने मिलकर तय किया है कि हिंद प्रशांत इलाक़े में मूलभूत बुनियादी ढांचों के अलावा इस इलाके में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जाएंगे जिसके तहत सभी चारो देश मिलकर इस क्षेत्र में क़रीब 50 अरब डॉलर की रकम खर्च करेंगे।

इस फैसले को लेकर चीन इस वजह से परेशान है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने का मतलब साफ है कि इस इलाक़े से चीन को इन चार देशों के साथ साथ और दूसरे देशों से भी चुनौतियां मिलने लगेंगी और इलाके में चीन की दादागीरी पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगी। मुद्दे की बात ये ही कि चीन इस इलाक़े के ज्यादातर हिस्सों पर अपना कब्ज़ा बताता है।

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