सिपाही के छह साल के बेटे को किया Kidnap, हाथ पैर बांधे और मुंह में ठूंसा गन्ना, मासूम के Murder का सनसनीखेज खुलासा

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Meerut, UP: अक्सर हम सबने देखा है कि घर में काम करने वाले नौकर और नौकरानी अपनी किसी जरूरत का हवाला देकर लोग अक्सर उधार पैसे मांगते ही रहते हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है। मगर किसी वजह से अगर कोई पैसे उधार नहीं दे पाता तो उसका क्या अंजाम हो सकता है, ये ताजा किस्सा उसी की बानगी है जो हैरान भी करता है और डराता भी है। 

50 लाख रुपये की मांगी फिरौती

यूपी के मेरठ में एक सिपाही के छह साल के बेटे पुनीत की हत्या का मामला इस वक्त सुर्खियों में है। इंचौली के धनपुर गांव में रविवार की सुबह यूपी पुलिस में तैनात सिपाही के छह साल के बेटे का अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। लेकिन सिपाही के बेटे को छोड़ने के लिए 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। अपहरण और हत्या की ये वारदात को पड़ोस में रहने वाले पति पत्नी ने अंजाम दिया। पहले दोनों ने बच्चे का अपहरण किया, फिर उसकी हत्या की और फिर लाश को ठिकाने भी लगा दिया। 

बात उधार के पैसे मांगने की थी

सबसे ज्यादा चौंकानें वाला पहलू ये है कि आरोपी महिला खुद बच्चे के घर पर फिरौती की चिट्‌ठी लेकर पहुंची थी। लेकिन जब बच्चे के घरवालों को शक हुआ तो ये बात पुलिस को बताई गई।तब जाकर ये केस खुला और चारो तरफ सनसनी फैल गई। पुलिस की पूछताछ में हत्याकांड की आरोपी सुमन ने जो खुलासा किया वो सनसनीखेज है। उसने बताया कि बीते शनिवार को उसने पुनीत के दादा यानी जय भगवान से 10 हजार रुपये उधार मांगे थे। लेकिन जय भगवान ने पैसे देने से इंकार कर दिया। लेकिन उसी वक्त जय भगवान से कोई दूसरा पड़ोसी पैसे मांगने आया तो उन्होंने उसे पैसे दे दिए। बस सुमन को ये बात अखर गई। उसके दिल में शूल की तरह चुभ गई।

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Meerut Murder New
मेरठ में मर्डर के बाद बच्चे की लाश को गन्ने के खेत में फेंका

18 साल से कर रही थी काम

खुन्नस में सुमन ने जय भगवान को सबक सिखाने के लिए एक खतरनाक साजिश रच डाली। खुलासा हुआ है कि सुमन पिछले 18 सालों से जय भगवान और उनके परिवार के यहां काम कर रही थी। उसे कुछ पैसों की सख्त जरूरत थी लिहाजा उसने उधार के तौर पर जय भगवान से पैसे मांगे। लेकिन कर्ज नहीं देने पर सुमन को इतना गुस्सा आ गया कि उसने जय भगवान के पूरे परिवार को सबक सिखाने का फैसला कर लिया। 

गर्मियों की छुट्टियों में आया था दादा के पास

जय भगवान यादव रिटायर्ड टीचर हैं। वह पहले गांव के प्रधान रह चुके हैं। उनका छोटा बेटा गोपाल यादव यूपी पुलिस में सिपाही है। वह अभी सहारनपुर में पोस्टेड है। गोपाल उसकी पत्नी सुप्रभा और दोनों बच्चों के साथ गंगानगर में रह रहा था। गर्मी की छुट्‌टी में 10 दिन पहले गोपाल के बच्चे धनपुर आए थे। इतवार की सुबह 8 - साढ़े 8 बजे के बीच गोपाल का छह साल का बेटा पुनीत घर से अगवा कर लिया गया। घरवालों ने पुनीत की कई जगह तलाश की लेकिन कहीं नहीं मिला।

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Ransom की चिट्ठी से पैदा हुआ शक

इसी बीच घरवालों को एक फिरौती की चिट्ठी मिली जो खुद सुमन ने लाकर दी थी। जिस पर 50 लाख की फिरौती मांगी गई थी। सुमन का कहना था कि उसे ये चिट्ठी घर के बाहर गेट के पास पड़ी मिली। लेकिन चिट्ठी देखकर जय भगवान को कुछ शक हुआ। तो बात पुलिस तक जा पहुँची। तब पुलिस ने सुमन को ही खंगालने का इरादा किया और उससे पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस की पूछताछ में ही सुमन टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने अपने पति सुंदर के साथ मिलकर ये साजिश रची थी। 

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खेत से बरामद बच्चे का शव

सुमन और उसके पति सुंदर ने माना कि दोनों ने ही पुनीत का अपहरण किया है और उसे मारकर खेत में फेंक दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर लाश बरामद की गई। बच्चे के हाथ-पैर को रस्सी से बांधा गया था। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। बच्चे के मुंह में गन्ना ठूंसा गया था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए अलग तरीके से काम किया। सुमन की हैंडराइटिंग का मिलान किया। पूछताछ के दौरान खुद सुमन ने भी माना कि फिरौती की चिट्ठी उसने खुद ही लिखी थी। 

मुंह दबाकर ठूंस दिया गन्ना

सुमन ने पुलिस को बताया कि शनिवार को ही उसने अपहरण का प्लान बना लिया था। सुबह जब वह अपने बेटे सोनू के साथ जयभगवान के घर की तरफ गई तो पुनीत मिल गया। पुनीत को लेकर वह घर से करीब 500 मीटर दूर कर्मवीर के खेत में लेकर गई। पुनीत के हाथ-पैर बांधकर डाल दिया। बच्चा जब चिल्लाने लगा तो उसके मुंह में गन्ने का टुकड़ा डाल दिया। इसी बीच ट्यूबवेल पर कुछ किसान आ गए। उनको देखते ही सुमन ने पुनीत का मुंह दबा दिया। दम घुटने से पुनीत की मौत हो गई। इसके बाद सुमन ने जयभगवान के घर पहुंच कर फिरौती की चिट्‌ठी वाला नाटक किया।

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