ISI का नया Terror Plan, बेनकाब हुआ 'Operation Pir Panjal', कश्मीर में कमर टूटी तो जम्मू में जड़ें जमाने लगा आतंकवाद

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Jammu and Kashmir: रविवार की शाम जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में आतंकवादियों ने तीर्थयात्रियों की बस को निशाना बनाया। श्रद्धालुओं को लेकर शिवखोड़ी (Shiv Khori) गुफा तीर्थस्थल से कटरा (Katra) लौट रही बस आतंकियों के हमले के बाद गहरी खाई में जा गिरी। इस आतंकी हमले में तीन महिलाएं समेत 10 लोगों की मौत हुई और 32 लोग घायल हो गए। ताजा खबर ये है कि इस आतंकी हमले की तफ्तीश करने के लिए देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी NIA की टीम कश्मीर रवाना हो चुकी है। जाहिर है ये टीम उस आतंकी हमले के इर्द गिर्द आतंकवादियों के बिखरे हुए सुरागों और सबूतों को बटोरकर किसी नतीजे तक पहुँचने की कोशिश करेगी। 

आतंक के निशाने पर राजौरी और पुंछ

लेकिन इसी बीच जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) से खुफिया सूत्रों से जो जानकारी सामने आ रही है वो वाकई हैरान करती है। बताया जा रहा है कि बस पर हमला करने वाले आतंकी आस पास के पहाड़ी इलाकों में छुपे हुए हैं। ये आतंकी ग्रुप पिछले एक महीने में राजौरी और पुंछ में कई हमले कर चुके हैं। सूत्रों का ये भी दावा है कि हमले में 3 से भी ज़्यादा आतंकी शामिल थे। साथ ही साथ ये भी दावा सूत्रों ने ही किया है कि रियासी में तीर्थयात्रियों की बस पर हमला करने वाले आतंकी पाकिस्तानी थे जो जम्मू कश्मीर के पीर पंजाल के दक्षिणी हिस्से में बीते दो सालों से सक्रिय हैं। 

Lashkar की Terror Wing सक्रिय

इसी बीच खुफिया सूत्रों की तरफ से एक और चौंकानेवाली जानकारी सामने आई है। पाफ (PAFF) पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट एक उग्रवादी संगठन है और माना जा रहा था कि असल में इस आतंकी हमले के पीछे यही (PAFF) हो सकता है। PAFF दरअसल पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar e Toeba) का एक विंग है जो घाटी में सक्रिय है। ये भी माना जाता है कि PAFF असल में जैश- ए-मोहम्मद का ही नया नाम है। जिसके बारे में ये बात पूरे यकीन से कही जाती है कि पुंछ, राजौरी में सेना और वायु सेना पर हुए अब तक के तमाम आतंकी हमलों के पीछे इसी (PAFF) का हाथ रहा है। PAFF असल में जम्मू-कश्मीर में लोगों को भड़काने और विद्रोह के काम में लगा हुआ है। साथ ही लश्कर की TRF शाखा ने भी इसी तरह के और भी हमलों की धमकी देते हुए जिम्मेदारी भी ले ली।

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जंगलों में OGW का Network

इसी बीच सेना और सुरक्षा बल के सूत्रों की तरफ से जो खबर सामने आई वो हैरान करने वाली है। सेना के खुफिया सूत्र बताते हैं कि आतंक के आकाओं के बनाए गए ये तमाम संगठन अब आपस में मिल जुलकर काम कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि ये तमाम संगठन जम्मू कश्मीर के दक्षिणी हिस्से यानी पुंछ, राजौरी और रियासी इलाके में अपने मन मुताबिक हमले करके इन्हीं पहाड़ियों के घने जंगलों की पनाह ले लेते हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि यहां OGW यानी ओवर ग्राउंड वर्कर (Over Ground Worker) इन्हें पहाड़ के उन्हीं जंगली हिस्सों में हर तरह की सहूलियतें मुहैया करवाते हैं।

'Operation Pir Panjal' का खाका मिला

सेना के खुफिया सूत्रों की जानकारी कहती है कि ये सब कुछ कश्मीर से ध्यान हटाने और आतंक की आग को जम्मू के इलाके की तरफ मोड़ने की एक बड़ी सोची समझी साजिश का हिस्सा है जिसे आतंकियों ने 'ऑपरेशन पीर पंजाल' नाम दिया है। चूंकि हिन्दुस्तानी फौज और सुरक्षा बल के ताबड़तोड़ ऑपरेशन ने घाटी में आतंक की कमर पूरी तरह से तोड़ दी है। ऐसे में आतंकियों के इस इको सिस्टम में घाटी में जिंदा रहना और अपना वजूद बचाए रखना आतंकियों के लिए बेहद मुश्किल हो गया। लिहाजा कई स्तरों पर अपने ऑपरेशन में तब्दीली करके ये नया प्लान तैयार किया है।

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आतंक की Oxygen हैं OGW

इसके तहत सभी अहम लॉजिस्टिक, ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के साथ-साथ उनकी फंडिंग के तमाम रास्ते शामिल किए गए हैं। असल में यही वो चीजें हैं जो घाटी में आतंकी गतिविधि के लिए ऑक्सीजन का काम करते है। इतना ही नहीं। सरहदों को लांघकर आई खबरों पर यकीन किया जाए तो पाकिस्तान की पनाह में सांस ले रहे आतंक के आकाओं ने POK में बड़े पैमाने पर तब्दीलियां लाने की प्लानिंग की है। 

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रावलपिंडी में बना नया Terror Plan

सेना के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक आतंकियों के इस प्लान को रावलपिंडी में मंजूरी मिली है। रावलपिंडी पाकिस्तान की सबसे बदनाम खुफिया एजेंसी ISI का हेडक्वार्टर है। उसने अपने कश्मीर प्लान में जो तब्दीली की है उसके मुताबिक अब आतंक के लिए  जम्मू की ओर से नया मोर्चा खोला गया है। लिहाजा अब भारत की सुरक्षा एजेंसियों के पास इस नई रणनीति को डिकोड करना और तेजी से उसके हिसाब से अपनी रणनीति तैयार करना एक नई चुनौती है। 

आतंकियों के नए Video से हुआ बड़ा खुलासा

हाल ही में एक आतंकी संगठन का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें आतंकियों के पीर पंजाल के जंगलों में छिपे होने का दावा किया गया था। उस वीडियो में जो अत्याधुनिक M4 जैसे खतरनाक राइफलें दिखाई गईं थी, रविवार को रियासी में हुए आतंकी हमले में इस्तेमाल करने का दावा किया जा रहा है। इतना ही नहीं आतंकियों के उस वीडियो से एक बात और साफ हो गई कि आतंकियों की इस नई साजिश में अब नए जमाने के हथियारों के अलावा अत्याधुनिक संचार उपकरण, जंगल या पहाड़ी इलाकों में जिंदा रहने के लिए जरूरी किट, नाइट विजन जैसी आधुनिक चीजों से लैस हो रहे हैं। पुलिस के सूत्रों ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है कि जिस दौरान LU 3 की जांच कर रहे थे उसी समय ये वीडियो हाथ लगा था और जिससे आतंकियों की नई साजिश का पर्दाफाश हो गया है। माना जा रहा है कि आतंकी संगठनों ने भी अब सिंडीकेट के तौर पर काम करने की नई साजिश तैयार की है। 
 

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