लोगों की कही बातों से तो फेर लोगे मुँह
मुंबई में महिला से रेप के बाद हुई हत्या से अनाथ हुईं दो बेटियां, उनका ये दर्द आपको रूला देगा
Two daughters orphaned after the murder of a rape woman in Mumbai inside story of family
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16 Sep 2021 (अपडेटेड: Mar 6 2023 4:05 PM)
लेकिन सच्चाई को कैसे झुठलाओगे?
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दर्द भरी इनकी कहानियां सुन
आसुओं के समंदर में डूबते चले जाओगे.
किसी की बच्ची थी वो , किसी की बहन,
किसी का सम्मान थी वो किसी का सुख और चैन
किसी की थी प्यारी मां, किसी की दोस्त थी वो
दुनिया के लिए महज़ एक खबर थी
"ना जाने कौन थी वो "
इतना ही मुझे पता है ... इंसान थी वो
जो थी, जैसी भी थी... एक जान थी वो .
किसी की दरिंदगी का शिकार बानी वो
आज अपने ही लोगों से हार गई वो
कह कर घर से निकली थी बच्चों को घुमाने कल लेकर जाएगी
इंतज़ार कर रहे उसके बच्चों को कैसे कहूं,
अब उनकी माँ घर कभी नहीं आएगी ....
वाकई वो मां अब नहीं आएगी. मुंबई के साकीनाका रेप-मर्डर केस में दरिंदगी की शिकार हुई वो युवती अब कभी नहीं लौटेगी. वो अब दुनिया में नहीं रही लेकिन उसकी दो छोटी बेटियां अभी भी मां के लौटने का इंतजार कर रहीं हैं.
आंसू बहा रही हैं. इस उम्मीद में कि शायद वो लौट आएगी. लेकिन उन्हें कौन बताए कि उनकी ये उम्मीद अब सिर्फ उस सपने की तरह है जो कभी पूरी नहीं हो सकती. आपको बता दें कि 9 सितंबर को मुंबई में 32 साल की युवती के साथ एक हैवान ने रेप जैसे घिनोने जुर्म को अंजाम दिया था।
वारदात के एक दिन बाद ही ज़ख्मों से जंग लड़ रही इस पीड़िता ने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। रेप पीड़िता की माँ ने कहा "हम दिहाड़ी मजदूर हैं और हमारी कोई फिक्स आय नहीं है. सड़क किनारे चाय बेचती हूं. जिस कमरे में रहती हूं उसके लिए 2 हजार रुपये का किराया देना होता है. और अब, मुझे अपनी दोनों नातियों को अकेले ही पालना होगा.
ये दोनों बेटियां उसी युवती की हैं जिसकी रेप के बाद उस हैवान ने हत्या कर दी गई थी. वो युवती मुंबई के साकीनाका जंक्शन के पास एक छोटे से कमरे में अपनी माँ और दो बेटियों के साथ रहती थी.
मृत युवती की माँ ने उस रात हुई दर्दनाक वारदात को याद कर बताया कि वो शाम में उन्हें देखने के लिए घर आयी थीं. लेकिन कुल 10 मिनट बाद ही वो चली गई. जब घर आने में काफी देर हुई तो उसका परिवार परेशान होने लगा.
हमने पड़ोस में उसकी तलाश की, लेकिन वो नहीं मिली थी. इसके बाद तो हमें पुलिस से देर रात में सुबह 3 से 4 बजे के बीच घटना के बारे में फोन आया था. उस युवती की मां कहती हैं पहले तो वो साल 2015 में अपने पति से अलग हो गई थी.
लेकिन अब वो दुनिया से ही दूर हो गई. वो और उसके बच्चे काफी हद तक मेरे ऊपर ही निर्भर थे. लेकिन दो मासूम बच्च्यिों के सिर से पिता का साया छिन गया था लेकिन मां तो थी. लेकिन अब तो वो मां भी नहीं रहीं. अब मेरी उम्र तो ढल रही है.
आख़िर किस उम्र तक मैं उनकी देखभाल कर सकूंगी. मैं खुद ही बीमार रहती हूं. जिसकी वजह से घर में कम योगदान दे पा रही हूं. ऐसे में उन दोनों बच्चियों की देखभाल कैसे कर पाऊंगी. ये अभी कह पाना बहुत मुश्किल है. वो बताती हैं कि मेरी बेटी के खिलाफ उनके मोहल्ले में काफी अफवाहें फैली हुई थीं.
जब वो अपनी ज़िंदगी के लिए लड़ रहीं थीं तो ये लोग उसे रेप के लिए दोषी ठहरा रहे थे. क्योंकि वो अपने पति से अलग हो गई थी और वारदात के वक़्त रात में बाहर थीं. ऐसा पहली बार नहीं है जब भारत में किसी पीड़िता को रेप के लिए दोषी ठहराया जा रहा हो.
अब तो ये बात बड़ी आम हो गई है कि जुर्म कोई करता है मगर उसका सारा दोष औरत के कपड़े या उसके चरित्र पर जाता है. सोशल मीडिया पर आम लोगों से लेकर राजनेताओं तक ने पीड़िता को शर्मिंदा करने और रेप को सही ठहराने वाले बयान दिए हैं.
इस हैवानियत से भरे जुर्म को अंजाम देने वाले उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी मोहन चौहान ने अपना गुनाह कबूल किया है. उसने प्रिया के प्राइवेट पार्ट्स को ज़ख़्मी करने के लिए एक हथियार का इस्तेमाल किया. जिसके कारण बेटी का काफी खून बह गया और उसकी मौत हो गई.
यहां आपको बता दें कि मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नागराले ने, 13 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरोपी और पीड़िता एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच के वित्तीय विवाद के कारण ये घटना घटी. लेकिन उस पीड़िता के परिवार का कहना है कि मुंबई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया है मगर इंसाफ अभी दूर है. आरोपी को अगर सज़ा मिल भी गई तो क्या उन दो बच्चियों को उनकी माँ अब कभी मिल पाएगी? नहीं ना. तो फिर ये कैसा इंसाफ होगा. क्या दो बच्चियों के लिए कोई खड़ा हो पाएगा.
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