दादा-दादी बन चुके रामलाल मुंडा और सहोदरी देवी जब पवित्र बाइबिल पाठ के बीच पति-पत्नी के रूप में एक-दूसरे का हाथ थामा, तो उसी जगह उनका बेटा जीतेश्वर मुंडा, अरुणा मुंडा के साथ परिणय सूत्र में बंध रहे थे। इस दौरान उनकी पांच साल की पोती रोमिका की किलकारियां भी गूंज रही थीं। रांची के आईएएस क्लब में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में इनकी शादी हर किसी के लिए कौतूहल का विषय थी। यहां 128 जोड़ों की शादी कराई गई। ये सभी लिव इन रिलेशन में सालों से थे।
बेटे और बहू के साथ 'मम्मी'-पापा ने रचाई शादी, गिफ्ट में मिली 5 साल की पोती!
father son married together
ADVERTISEMENT

13 Oct 2021 (अपडेटेड: Mar 6 2023 4:07 PM)
ADVERTISEMENT
45 साल के रामलाल मुंडा और सहोदरी देवी 22 सालों से बगैर शादी के साथ रहे थे। इनके बच्चे बालिग हो चुके हैं। लोहरा समाज की सहोदरी को मुंडा समाज के रामलाल से शादी की इजाजत नहीं मिली। इन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। ये पति-पत्नी की तरह साथ रहने तो लगे, लेकिन सामाजिक स्वीकार्यता नहीं मिली। इनका बेटा जीतेश्वर मुंडा भी दो सालों से अरुणा मुंडा के साथ लिव इन रिलेशन में था। इनकी एक बेटी भी है रोमिका। जिंदगी चल रही थी, लेकिन समाज से रिश्ते को मान्यता न मिलने की कसक सालती थी।
रामलाल कहते हैं कि कई बार उन्होंने सहोदरी से विवाह करने की कोशिश की, लेकिन समाज का साथ नहीं मिला। सहोदरी को विवाह के जोड़े में देखना उनका सपना था, जो 22 सालों के बाद पूरा हुआ। उनके बेटे जीतेश्वर मुंडा कहते हैं कि अरुणा के साथ रहने के निर्णय का उनके माता-पिता ने कभी विरोध नहीं किया। लेकिन समाज के लोग टोकते थे। रोमिका के जन्म के बाद खुशियां तो आईं, पर उसके भविष्य को लेकर चिंता भी बढ़ गई। अरुणा कहती है कि शादी नहीं भी होती तो भी वे साथ ही रहते, जैसे उनके सास-ससुर रहे। लेकिन, शादी होने के अब उन्हें लोगों की बातें नहीं सुननी पड़ेंगी।
जब इन लोगों को सामूहिक विवाह आयोजन की जानकारी मिली, तो उन्होंने इसमें अपना रजिस्ट्रेशन कराया। उन्हें देखकर रामलाल और सहोदरी ने भी रजिस्ट्रेशन कराया। संस्था की तरफ से इनका ईसाई रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया। साथ ही, दोनों जोड़ों को घर-गृहस्थी का सामान उपलब्ध कराए गए।
ADVERTISEMENT
