Justice For Rakhi : आखिर रेप पीड़िता को वाराणसी पुलिस क्यों चरित्रहीन साबित करना चाहती थी?

इस मामले को लेकर यूपी शासन ने बड़ा एक्शन लिया है. वाराणसी के पूर्व एसएसपी अमित पाठक को डीजीपी कार्यालय से अटैच कर दिया गया.

CrimeTak

27 Aug 2021 (अपडेटेड: Mar 6 2023 4:04 PM)

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JusticeForRakhi : दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के बाहर 16 अगस्त को रेप पीड़िता राखी (बदला हुआ नाम) ने ख़ुद को आग लगाने से पहले एक वीडियो जारी किया था. उस वीडियो में ये बताया था कि वाराणसी पुलिस उसे चरित्रहीन साबित करने पर तुली हुई है. पीड़िता ये बताना चाहती थी कि पुलिस इस पूरे मामले में इस तरह से दबाव डाल रही है कि वो किसी भी तरह से केस वापस ले ले. जिससे आरोपी सांसद अतुल राय बाइज्जत बरी हो जाए.

16 अगस्त को ही यूपी शासन ने लिया था एक्शन

हालांकि, 16 अगस्त को पीड़िता और उनके दोस्त ने जब आत्मदाह का प्रयास किया था तभी इस मामले को यूपी सरकार ने गंभीरता से ले लिया था. दरअसल, जिस तरह से पीड़िता ने वाराणसी की तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक पर आरोप लगाया था उसे देखते हुए 16 अगस्त की देर शाम को इन पर एक्शन ले लिया गया. अभी हाल में अमित पाठक गाजियाबाद के एसएसपी थे. लेकिन इन्हें अब डीजीपी कार्यालय से अटैच कर दिया गया है.

वहीं, जांच में लापरवाही के आरोप में वाराणसी कैंट थाने के इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह और दरोगा गिरिजा शंकर यादव को उसी दिन सस्पेंड कर दिया गया था. बता दें कि इस मामले में पीड़िता और रेप केस में अहम गवाह सत्यम प्रकाश राय नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के बाहर फेसबुक पर लाइव भी आए थे.

इस दौरान दोनों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे. पीड़िता राखी (बदला हुआ नाम) ने कहा साफ कहा था कि वाराणसी पुलिस उसे किसी भी कीमत पर चरित्रहीन साबित करने पर तुली हुई है.

वीडियो में लगाए थे गंभीर आरोप

रेप पीड़िता ने फेसबुक पर लाइव वीडियो करते हुए जेल में बंद बसपा सांसद अतुल राय को बचाने के लिए कई पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे. पीड़िता ने वाराणसी के पूर्व एसएसपी अमित पाठक, डिप्टी एसपी अमरेश सिंह बघेल, दरोगा संजय राय व उसके बेटे और कुछ जज पर साजिश रचने का आरोप लगाया था.

इस दौरान पीड़िता ने ये भी कहा था कि यूपी के पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने डीजी रैंक के अधिकारी के जरिए सांसद अतुल राय को बचाने का प्रयास किया था. इसके बाद दोनों पीड़ितों ने खुद को असहाय बताते हुए और मजबूर होते हुए कई इमोशनल बातें की और फिर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा ली थी.

दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 16 अगस्त को दोनों के गंभीर रूप से झुलसने के बाद 21 अगस्त को सत्यम राय की मौत हुई और फिर 24 अगस्त को रेप पीड़िता की मौत हुई.

इस पूरे घटनाक्रम को ऐसे समझिए

1 मई 2019 : पीड़िता ने वाराणसी के लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई

22 जून 2019 : आरोपी अतुल राय ने कोर्ट में किया समर्पण. फिलहाल प्रयागरात के नैनी जेल में बंद

22 नवंबर 2020 : कोर्ट के आदेश पर सांसद के भाई पवन की शिकायत पर कैंट थाने में पीड़िता पर FIR

2 अगस्त 2021: वाराणसी की सीजेएम कोर्ट ने रेप पीड़िता के खिलाफ जारी किया था गैर जमानती वॉरंट

16 अगस्त 2021: रेप पीड़िता और मुख्य गवाह सत्यम राय दोनों दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के बाहर लगाई आग

16 अगस्त 2021: वाराणसी के पूर्व एसएसपी अमित पाठक समेत कई एक डीएसपी व अन्य 2 पर एक्शन

21 अगस्त 2021 : आग में बुरी तरह से झुलसे सत्यम राय की अस्पताल में इलाज के दौरान ही हो गई मौत

24 अगस्त 2021 : जिंदगी और मौत से जूझ रही रेप पीड़िता ने भी आखिरकार दम तोड़ दिया, इंसाफ बाकी

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