Bihar Violence: रामनवमी को गुजरे चार दिन गुजर चुके हैं। और रामनवमी के दिन निकली शोभायात्रा के दौरान बिहार और बंगाल के कई हिस्सों में पथराव, आगज़नी और हिंसा की वारदात हुई थीं... बावजूद इसके बिहार और बंगाल के ज़्यादातर हिस्सों में हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही। आलम ये है कि बिहार के सासाराम में सोमवार को भी एक धमाके की खबर ने समूचे बंदोबस्त को झकझोरकर रख दिया।
Bihar News Update: सासाराम में सोमवार की सुबह सुना गया ज़ोरदार धमाका, इंटरनेट सेवा की गई बंद
Bihar News: रामनवमी के दिन निकली शोभायात्रा के दौरान बिहार और बंगाल के कई हिस्सों में पथराव, आगज़नी और हिंसा की वारदात हुई थीं... बावजूद इसके बिहार और बंगाल के ज़्यादातर हिस्सों में हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही। सोमवार की सुबह एक बार फिर सास
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रामनवमी से शुरू हुआ हिंसा का सिलसिला अब भी चार दिन बाद जारी है
03 Apr 2023 (अपडेटेड: Apr 3 2023 8:58 AM)
सोमवार की सुबह बिहार के सासाराम में धमाके की खबर सामने आई। बिहार के नालंदा के कई इलाकों में दंगे के बाद अब भी कई जगहों से धुआं उठता देखा जा रहा है। चारो तरफ तबाही के निशान नज़र आ रहे हैं।
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खबर मिली है कि साराराम के शेरगंज के मोची टोला इलाके में एक धार्मिक स्थल के बाहर बम फेंका गया। जिससे कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। इससे पहले बिहार शरीफ में शनिवार की रात हिंसा की वारदात हुई थी। जबकि पहाड़पुर इलाके में दो गुटों के बीच जमकर संघर्ष हुआ जिसमें 12 राउंड फायरिंग की खबर हुई जिसमें एक शख्स की मौत हो गई।
। रामनवमी के जलूस के दौरान पहले बिहार में हिंसा भड़की और फिर ये हिंसा की आग ने पश्चिम बंगाल के हुबली को भी अपनी चपेट में ले लिया। नतीजा ये हुआ कि पश्चिम बंगाल में दंगे की भयानक शक्ल सामने आई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को मोर्चाबंदी करनी पड़ी। हालात पूरी तरह से काबू में रह सकें इसके लिए बंदोबस्त के तहत हिंसा से प्रभावित इलाके में इंटरनेट पूरी तरह से बंद कर दिया गया।
बिहार के नालंदा ज़िले में 4 अप्रैल तक के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। शहर में पहले से ही कर्फ्यू लगा हुआ है। इसके अलावा रोहतास ज़िले में भी 4 अप्रैल तक सभी स्कूल और कॉलेज के अलावा तमाम शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
ये बात भी जानने लायक है कि बंगाल के हुगली में रविवार को जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो वहां भी पत्थरबाजी और आगजनी की वारदात हुईं। गौरकरने वाली बात ये है कि ये सब कुछ उस वक़्त हुआ जब हिंदू संगठन हुगली के एक इलाके में शोभायात्रा निकाल रहे थे। इस शोभायात्रा का आयोजन बीजेपी की तरह से किया गया था और उसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष भी शामिल हुए थे। लेकिन जैसे ही दिलीप घोष वहां से गए अचानक दो गुट आमने सामने आ गए और देखते ही देखते पत्थर बाजी शुरू हो गई और जमकर आगजनी हुई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को जमकर मोर्चाबंदी करनी पड़ी।
शोभायात्रा पर हुए पथराव और हिंसा को देखते हुए पूरे इलाके का बड़े हिस्से में धारा 144 लगा दी गई है और अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस का कहना है कि गुंडागर्दी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
इधर राज्यपाल बयान आया और उधर बीजेपी और टीएमसी दोनों के नेता एक दूसरे पर आरोप लगाने में जुट गए। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस पूरी घटना के लिए बीजेपी जिम्मेदार है जबकि बीजेपी ने इस हिंसा के लिए टीएमसी के बंदोबस्त की नाकामी बताया।
बीजेपी के नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया है कि इस शोभायात्रा के दौरान महिलाओं और बच्चों पर पथराव किया गया। आरोप तो ये भी लगाया जा रहा है कि हिंसा के बाद भी राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। हावड़ा की हिंसा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया है कि वहां बाजार में जमकर तोड़फोड़ की गई और हिंसा हुई, लेकिन राज्य सरकार की तरफ से कोई समुचित कार्रवाई देखने को नहीं मिली।
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