अरविंद ओझा की रिपोर्ट
Nafe Singh Rathee : मेरे पिता को हरियाणा सरकार ने नहीं दी सुरक्षा, वो कहते थे जान को खतरा; बड़े बेटे ने बताया-कौन हैं जिम्मेदार?
Nafe Singh Rathee murder case : नफे सिंह राठी हत्याकांड के लिए कौन जिम्मेदार. सरकार ने क्यों नहीं दी नफे सिंह को सुरक्षा, कई बार वो कह चुके थे मेरी जान को खतरा.
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Bahadurgarh INLD Nafe Singh Rathee murder case
26 Feb 2024 (अपडेटेड: Feb 26 2024 11:25 AM)
Nafe Singh Rathee : हरियाणा के बहादुरगढ़ में INLD नेता नफे सिंह राठी हत्याकांड पर उनके बड़े बेटे भूपेंद्र का बड़ा दावा सामने आया है. भूपेंद्र राठी ने कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक अंतिम संस्कार और पोस्टमार्टम नहीं होगा. उन्होंने कहा कि मेरे पिता नफे सिंह राठी को लगातार धमकियां मिल रहीं थीं. मेरे पिता ने कई बार इलाके के एसपी अर्पित जैन से मुलाकात की थी. उनसे कहा था कि मेरी जान को खतरा है. इसके बाद भी उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई. ये बहुत बड़ी लापरवाही है.
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भूपेंद्र राठी ने कहा कि मैं खुद अपने पिता के साथ सीएम खट्टर साहब के पास गया था. उन्होंने आश्वासन दिया था कि सुरक्षा मिलेगी. वो कहते थे कि यहां एप्लीकेशन दे दो वहां दे दो. लिहाजा, प्रशासन को सब कुछ पता है. हम कहते थे यूपी और बिहार में गुंडाराज है, लेकिन असल गुंडाराज हरियाणा में है. जब एक पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष सुरक्षित नहीं तो दूसरों का क्या होगा. हमारा ड्राइवर संजीव उर्फ राकेश जो उस वारदात के वक्त कार में सवार था, उसको हमलावरों ने धमकी दी की तुझे जिंदा छोड़ रहे हैं जाकर बात देना कि कोई गवाही नहीं देगा. अब इससे साफ पता चलता है कि किस हद तक हमलवारों के हौसले बुलंद हैं.
क्या-क्या अब तक हुआ नफे सिंह हत्याकांड में
Nafe Singh Rathee : नफे सिंह राठी हत्याकांड में एफआईआर में राजनीतिक षड़यंत्र का दावा किया है. आखिर किसके इशारे पर हुआ ये पॉलिटिकल मर्डर. नफे सिंह राठी हत्याकांड में पूर्व विधायक नरेश कौशिक समेत 7 लोगों के खिलाफ नामजद व कुछ अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. ये एफआईआर नफे सिंह राठी की गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर और उनके भांजे राकेश उर्फ संजय ने कराई है. राकेश का दावा है कि हमलवारों ने उस समय हमला किया जब रेलवे फाटक बंद था और बदमाशों ने उसी समय हमला कर दिया. हमला करने से पहले बदमाशों ने शोर मचाते हुए कुछ बाते कहीं थीं और धमकी दी थी. जिससे पता चलता है कि इस पूरी घटना के पीछे राजनीतिक साजिश है. हमलावरों ने राकेश से ये भी कहा था कि तुझे जानबूझकर जिंदा छोड़ रहे हैं ताकी जाकर इनके घरवालों का बता देना. वहीं, इस घटना को लेकर नफे सिंह राठी के परिवार ने खुला विरोध किया है. ये कहा कि हम उनका अंतिम संस्कार तब तक नहीं करेंगे जब तक हमलवारों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर लेती.
क्या लिखा है एफआईआर में
नफे सिंह राठी के भांजे ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है. उस एफआईआर में मुख्य तौर पर जो बातें लिखीं गईं हैं. उसे जान लीजिए....
मैं अपने मामा नफे सिंह राठी के साथ गाड़ी पर ड्राइवरी करता हूं. दिनांक 25 फरवरी को असौदा गांव से सामाजिक कार्य करके बहादुरगढ़ वापस आ रहे थे. हम गाड़ी नंबर HR 12AF0011 फॉर्च्यूनर सफेद रंग में सवार थे. मैं गाड़ी चला रहा था. मेरे मामा नफे सिंह राठी पास वाली सीट पर बैठे थे. गाड़ी के पीछे वाली सीट पर संजीत और जय किशन बैठे थे. जब हम शाम करीब 5:15 बजे बराही रेलवे फाटक से पहले रुके थे तभी एक सफेद रंग की कार दिखाई दी.
उसी समय कुछ तेज आवाज आई तो मैंने गाड़ी तेज करनी चाही. उसी समय फाटक था. जिसके कारण मैंने गाड़ी रोक दी. तभी पांच लड़के अपने हथियारों पिस्तौल सहित वहां पहुंचे. सभी सफेद कार से उतरकर आए और गोली चलानी शुरू कर दी. इन हमलावारों ने शोर मचाते हुए धमकी देने वाले अंदाज में कहा कि सतीश, कर्मवीर, नरेश कौशिक से दुश्मनी करने का सबक सिखा दो. फिर उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. बदमाशों ने मुझसे कहा कि तुझे जिंदा इसलिए छोड़ रहे हैं ताकि तुम घर जाकर बता दियो कि नरेश कौशिक, कर्मबीर राठी, रमेश राठी, सतीश राठी, गौरव राठी, राहुल व कमल के खिलाफ कभी भी अदालत में गए तो सारे परिवार को मार देंगे.
मैंने अपने आप को संभाला तो देखा कि मामा जी की और जय किशन की मृत्यु हो चुकी थी. संजीत की हालत गंभीर हो चुकी थी. राहगीरों की मदद से हमारी गाड़ी को अस्पताल लाया गया. हमलावरों के सामने आने पर मैं उन्हें पहचान सकता हूं.
कौन थे नफे सिंह राठी
Who Was Nafe Singh Rathee : नफे सिंह राठी की उम्र करीब 66 साल थी. वो काफी चर्चित नेता रहे हैं. ये 10वीं तक पढ़े थे. परिवार में दो बेटे हैं. भूपेंद्र और जितेंद्र. 2 साल पहले ही नफे सिंह इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष बने थे. इनका जन्म 22 फरवरी 1958 को हुआ था. ये मूलरूप से झज्जर जिले के बहादुरगढ़ के रहने वाले थे. ये साल 1996 और 2000 में बहादुरगढ़ से INLD के टिकट पर विधायक चुने गए थे. 2009 में लोकसभा चुनाव लड़े थे. उनके सामने रोहतक सीट से दीपेंद्र हुड्डा थे. लेकिन नफे सिंह चुनाव हार गए थे. नफे सिंह 2 बार बहादुरगढ़ नगर परिषद के चेयरमैन भी रह चुके थे.
4 शूटर्स की पहचान, FIR दर्ज
हरियाणा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चार आरोपियों की पहचान की है. इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है. इनके नाम हैं नरेश कौशिक, रमेश राठी, सतीश राठी और राहुल. ये बदमाश आई-10 कार में सवार थे. सीसीटीवी फुटेज से इनकी पहचान हुई. अब पुलिस की कई टीमें इनकी तलाश में जुटी हुई हैं. आजतक संवाददाता अरविंद ओझा की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. इसमें एक पूर्व विधायक का नाम भी शामिल है. जिस पर इस घटना को पॉलिटिकल मर्डर का शक जताया गया है. इस केस में बहादुरगढ़ के लाइनपार थाना में मुकदमा नंबर 37, दिनांक 26 फरवरी 2024 को आइपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 120बी, 25-27- 54-59 आर्म्स एक्ट के किया मामला दर्ज किया गया है.
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