'टोटी से बंधा था अल्ताफ, गले में कसी थी डोरी', मौत के बाद का वीडियो वायरल

अल्ताफ जब लॉकअप में गया, तब वहां एक दूसरा शख्स भी हिरासत में था। उसी शख्स ने पुलिस को बताया था कि अल्ताफ ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है, read all the latest crime stories on CrimeTak.in

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14 Nov 2021 (अपडेटेड: Mar 6 2023 4:09 PM)

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आशुतोष मिश्रा के साथ चिराग गोठी की रिपोर्ट

UP KASGANJ UPDATE : उत्तर प्रदेश के कासगंज में थाने के अंदर अल्ताफ की संदिग्ध मौत मामले में एक वीडियो सामने आया है। अल्ताफ जब लॉकअप में गया, तब वहां एक दूसरा शख्स भी हिरासत में था। उसी शख्स ने पुलिस को बताया था कि अल्ताफ ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। हालांकि अभी साफ नहीं हो पाया है कि यह शख्स कौन है।

वीडियो आने से आया नया मोड़

22 वर्षीय अल्ताफ को जब पहली बार देखा गया, तब का वीडियो सामने आया है। अल्ताफ की मौत के मामले में यह वीडियो और फोटो जांच का अहम हिस्सा है। वीडियो में अल्ताफ शौचालय में लेटे हुए अवस्था में टोटी से बंधा नजर आ रहा है और उसके गले में डोरी कसी हुई है। हालांकि आजतक इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

मजिस्ट्रेट को सौंपी गई जांच

इस बीच कासगंज कोतवाली में पुलिस हिरासत में अल्ताफ की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अब मजिस्ट्रेट को सौंप दी गई है। जिले के एसपी रोहन बोत्रे ने आजतक से कहा है कि पुलिस न्यायिक जांच की अनुशंसा के लिए भी विचार कर रही है। फिलहाल पुलिस अल्ताफ की मौत के मामले में अपनी थ्योरी पर कायम है। कासगंज पुलिस ने कहा था कि अल्ताफ ने लॉकअप के शौचालय में लगे 2 फीट के नल से टी शर्ट के हुड की लगी रस्सी को निकालकर आत्महत्या कर ली। इस बीच पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें हत्या की बड़ी वजह हैंगिंग को ही बताया गया है यानी अल्ताफ की मौत दम घुटने से हुई है।

विपक्ष के निशाने पर योगी सरकार

अल्ताफ की मौत पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों ने सीधे-सीधे उत्तर प्रदेश पुलिस और सरकार पर सवाल खड़े किए है। कासगंज के एसपी रोहन बोत्रे ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है साथ ही मामले को मजिस्ट्रियल जांच के लिए भी सौंप दिया गया है। हालांकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़ा किया, 'आखिर 5 फुट 6 इंच लंबे अल्ताफ ने 2 फीट की ऊंची नल की टोटी से कैसे फांसी लगा ली? कासगंज में पूछताछ के लिए लाए गए युवक के थाने में मौत का मामला संदेहास्पद है। कुछ पुलिसवालों का निलंबन सिर्फ दिखावटी कार्रवाई है, न्यायिक जांच होनी चाहिए।'

इस मामले में बीएसपी भी हमलावर हुई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मांग की कि सरकार घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों को सख्त सजा दे। वहीं, इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि ऐसी घटनाओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार गंभीर है, दोषियों को खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

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