एक सीक्रेट कोड ने 122 लोगों की जान बचा ली और एक खतरनाक हाइजैकिंग का अंत कर दिया। हाइजैकर्स के कब्जे में फंसे विमान से बाहर किसी भी तरह की मदद मांगना लगभग नामुमकिन था। लेकिन पायलट और क्रू ने सूझबूझ दिखाते हुए एक तयशुदा सीक्रेट कोड का इस्तेमाल किया, जिसने एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियों को बिना हाइजैकर्स को भनक लगे खतरे का संकेत दे दिया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक सुनियोजित रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लंबी बातचीत और रणनीतिक कार्रवाई के बाद सभी 122 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और हाइजैकिंग का ड्रामाई अंत हुआ। यह घटना आज भी एविएशन इतिहास में सूझबूझ, प्रशिक्षण और सही समय पर लिए गए फैसले की मिसाल मानी जाती है।