पिता की मौत के बाद उनकी अंतिम विदाई में बेटियों के शामिल न होने की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए। मामला सामने आने के बाद बेटियों ने जो वजह बताई, उसने लोगों को हैरान कर दिया। बेटियों का कहना है कि उन्हें डर था कि अंतिम संस्कार के दौरान बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो सकते हैं और इसके बाद उन्हें लोगों की आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ सकता है। इसी डर के चलते उन्होंने पिता की अंतिम यात्रा से दूरी बनाए रखी। बेटियों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज उन्हें इस फैसले पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है। पिता की आखिरी विदाई जिंदगी का ऐसा पल होता है, जिसे कोई भी संतान आसानी से नहीं भूल सकती। लेकिन सोशल मीडिया के दौर में वायरल होने का डर किस तरह इंसानी रिश्तों और भावनाओं पर असर डाल रहा है, यह घटना उसी पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। बेटियों की सफाई सामने आने के बाद अब लोग अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग उनके फैसले की आलोचना कर रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि किसी की निजी परिस्थितियों को जाने बिना फैसला सुनाना सही नहीं है। आखिरकार, इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया के दबाव और पारिवारिक रिश्तों के बीच बढ़ती खाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।