बेंगलुरु के सुब्रमण्यम नगर थाना क्षेत्र से 29 मार्च 2021 को 47 वर्षीय सीता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थीं. गुमशुदगी दर्ज होने के सात महीने बाद सीता की बहन को सोशल मीडिया पर एक वीडियो मिला, जिसमें नशे में धुत एक शख्स कत्ल का इकबाल कर रहा था। परिजनों की हाईकोर्ट याचिका के बाद 24 नवंबर 2021 को मर्डर की एफआईआर दर्ज हुई.
तफ्तीश में आरोपी सत्य और नूर अहमद गिरफ्तार हुए. आरोपियों ने जमीन व लोन विवाद के चलते सीता को दवा में साइनाइड देकर मार डाला था और लाश को भारी पत्थर से बांधकर तुंगभद्रा नदी में फेंक दिया था.
नदी से लाश कभी बरामद नहीं हुई, लेकिन पुलिस ने 300 किलोमीटर के सफर के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन, गवाहों के बयान और सुनार से बरामद सीता की सोने की चूड़ी को कोर्ट में पुख्ता सबूत बनाकर पेश किया. 26 सितंबर को 61वीं सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट ने बिना लाश के भी इन मजबूत परिस्थितियों के आधार पर दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई.
बेंगलुरु: बिना लाश के कत्ल का सनसनीखेज मामला, सोशल मीडिया वीडियो और सोने की चूड़ी से बेनकाब हुआ राज; 2 आरोपियों को उम्रकैद
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• 03:01 PM • 04 Nov 2026
सात महीने बाद वायरल वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक लोकेशन और सोने की चूड़ी से खुला 47 साल की सीता के कत्ल का राज।
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