मौत के ऐलान का ये अजीबोगरीब मामला उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले का है। यहां पर सफदरगंज थाना इलाके के नूरगंज गांव के एक कब्रिस्तान में मेले जैसा माहौल था। खासतौर पर लोगों की बड़ी भीड़ कब्रिस्तान की एक ताजा खुदी कब्र पर जमा थी। भीड़ में ना केवल गांव के लोग शामिल थे बलकि दूरदराज गांव के लोग भी पहुंचे थे।
कफन पहनकर खुदी कब्र के पास बैठे 109 साल के बुजुर्ग, फरिश्ते ने बताया था मौत का वक़्त
109 year old waited for death along his grave
ADVERTISEMENT

23 Oct 2021 (अपडेटेड: Mar 6 2023 4:07 PM)
पहुंचते भी ना कैसे खबर ही ऐसी सुनने को मिली थी। खबर थी नूरगंज के रहने वाले 109 साल के बुजुर्ग मोहम्मद शफी ने अपनी मौत का ऐलान कर दिया है। उन्हें मालूम है कि शुक्रवार को किस वक्त उनकी रुह उनके जिस्म को छोड़ेगी । यही वजह थी बुजुर्ग ने अपनी कब्र पहले ही खुदवा ली थी।
ADVERTISEMENT
केवल कब्र खुदवाने की रिवाज ही नहीं बलकि मोहम्मद शफी ने तो वो सारे रिवाज पूरे कर लिए जो मुसलमानों में किसी की मौत पर किए जाते हैं। बुजुर्ग ने कब्रिस्तान जाने से पहले गुस्ल लिया फिर बकायदा कफन ओढ़ाकर जनाजा निकाला गया।
फिर वो वक्त भी आया जब जनाजा कब्रिस्तान पहुंचा और बुजुर्ग कफन पहनकर अपनी खुदी हुई कब्र के पास बैठ गए। इस खबर को सुनने के बाद तमाशबीनों की भीड़ लग गई। हर कोई वो मंजर देखना चाहता था जब रुह जिस्म से जुदा होती है और बुजुर्ग की भविष्यवाणी सच साबित होती है।
फरिश्तों ने सपने में बताया था मौत का वक़्त
बुजुर्ग मोहम्मद शफी के मुताबिक फरिश्ते ने सपने में आकर उन्हें मौत का वक्त बताया । फरिश्ते के मुताबिक 22 अक्टूबर की दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर उनकी रुह उनके जिस्म से जुदा हो जाएगी। ये बात बुजुर्ग ने अपने परिवार को बताई, परिवार ने पहले तो बात पर ध्यान नहीं दिया।
हालांकि जब बुजुर्ग जिद्द पर अड़ गए तो परिवार भी बुजुर्ग की जिद्द के आगे हार गया और उनके कहे मुताबिक ना केवल उनकी कब्र खुदवाई बलकि मौत से जुड़े तमाम रिवाज भी निभाए। इस बात की खबर जब पुलिस और प्रशासन को लगी तो वो भी मौके पर पहुंच गए।
लोग करते रहे इंतजार,नहीं निकले प्राण
5 वक़्त के नमाजी मोहम्मद शफी बेहद धार्मिक इंसान हैं। जब उनके इस ऐलान के बारे में गांववालों को पता लगा तो वो भी कब्रिस्तान पहुंच गए। नाते रिश्तेदारों को भी पहले से ही इत्तिला दी जा चुकी थी। वो भी जमा कब्रिस्तान में जमा हो गए थे। कब्रिस्तान में जमा भीड़ कफ़न पहने बैठे शफी की मौत का इंतजार करते रहे लेकिन तय वक्त पर मौत नहीं आई।
बताया वक्त बीत जाने पर सिरौली गौसपुर के एसडीएम सुरेन्द्रपाल विश्वकर्मा, प्रभारी निरीक्षक सफ़दरगंज सुधीर कुमार सिंह ने शफी को समझाया कि अभी उन्हें और जीना है । काफी समझाइश के बाद बुजुर्ग को घर भेजा जा सका। वहीं बुजुर्ग के बेटों के मुताबिक उनके पिता का मानसिक संतुलन ठीक नही रहता है जिसकी वजह से ये सबकुछ हुआ।
ADVERTISEMENT
