Azam Khan : आजम खान को अब हेट स्पीच केस में 3 साल की सजा, पहले बकरी और भैंस चोरी के लग चुके हैं केस

UP Azam Khan News : आजम खान को अब हेट स्पीच केस में 3 साल की सजा, पहले बकरी और भैंस चोरी के लग चुके हैं केस. जानिए क्या आजम खान से जुड़ा पूरा मामला.

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27 Oct 2022 (अपडेटेड: Mar 6 2023 4:29 PM)

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Azam Khan : आजम खान को एक बार फिर सजा हुई है. इस बार हेट स्पीच (Hate Speech Case) और आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में 3 साल की सजा सुनाई गई है. ये सजा रामपुर MP MLA कोर्ट ने दी है. अब कहा जा रहा है कि आजम खान को विधानसभा की सदस्यता भी छोड़नी पड़ेगी. इस बार कोर्ट ने तीनों धाराओ में अधिकतम सज़ा दी है.

भड़काऊ भाषण मामले में आजम खान को ये सजा मिली है. साथ ही कोर्ट ने 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है. सपा नेता आजम खान ने इस फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है. उनके पास इंसाफ पाने का रास्ता है. ऊपरी अदालत में जाएंगे.

ये पहली बार नहीं है जब आजम खान पर किसी मामले में सजा हुई है. पहले भी 88 से ज्यादा केस इन पर दर्ज हुए. सजा भी हुई. इसे लेकर हाल में सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को जमानत देते हुए एक टिप्पणी की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि, "आजम खान पिछले दो साल से जेल में बंद हैं. एक या दो मामले तक तो ठीक है. लेकिन एक ही आदमी पर 89 मुकदमे कैसे दर्ज हो सकते हैं? ये एक ट्रेंड बन चुका है. जब एक केस में जमानत मिलती है तो दूसरा मुकदमा दर्ज हो जाता है.”

बकरी चोरी से लेकर ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं आजम खान पर

Azam Khan Crime History : साल 2017 तक आजम खान पर एक केस दर्ज था. हाल में हुए यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और पत्नी तजीन फातिमा यानी तीनों के खिलाफ कुल 165 केस दर्ज थे. इनमें आजम खान पर कुल 87 मामले, अब्दुल्ला आजम पर 43 और तजीन फातिमा पर 35 मामले दर्ज थे.

आजम खान ऐसे नेता हैं जिन पर उनकी उम्र से कहीं ज्यादा क्रिमिनल केस हैं. उम्र 73 साल और 88 मामले दर्ज. आजम के खिलाफ एक एफआईआर (FIR) तो ऐसी है जिसे शिकायत मिलने के 16 साल बाद दर्ज किया गया. इसके अलावा कुल 88 में से 22 केस ऐसे हैं जो वारदात होने के 13 साल बाद दर्ज किए गए.

13 साल बाद दर्ज होने वाले मामलों में ही मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जबरन जमीन पर कब्जा करने का है. जिसमें दावा किया जाता है कि इस यूनिवर्सिटी को बनाने के लिए किसानों की जमीन पर या तो जबरन कब्जा किया गया या फिर गलत तरीके से अधिग्रहण कर लिया गया. अब इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना साल 2006 में हुई थी लेकिन इसके 13 साल बाद यानी जुलाई 2019 तक इससे जुड़ा कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था.

आजम खान पर एक बार ऐसा भी हुआ कि महज 9 दिनों में 22 एफआईआर हुई थी. ये वाकया है साल 2019 का. इस दौरान 12 जुलाई से 20 जुलाई के बीच रामपुर के अजीम नगर पुलिस स्टेशन में 22 FIR दर्ज की गई. सभी एफआईआर को लिखने का समय रात का रखा गया. कभी साढ़े 11 बजे, कभी रात में 2 बजकर 19 मिनट तो कभी सुबह 6 बजे के समय FIR दर्ज की गई.

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आजम खान के खिलाफ मानहानि का भी एक केस है. ये केस आपत्तिजनक बयान देने से जुड़ा है. जिसे आजम खान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय जनता पार्टी और सैयद कल्बे जव्वाद नकवी के खिलाफ दिया था. इस बयान के 5 साल बीत जाने के बाद आजम खान के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज हुआ था. जमीन कब्जाने और फर्जीवाड़े के एक और मामले में अपराध के 16 साल बाद थाने में FIR दर्ज की गई थी.

बकरी, भैंस से लेकर पैसे चुराने का आरोप : आजम खान पर बकरी और भैंस चुराने के मामले भी दर्ज हैं. ये एफआईआर 2019 में हुई थी. दरअसल, FIR कराने वाली महिला नसीमा खातून ने दावा किया था कि वो परिवार के साथ वक़्फ़ के यतीमखाने में रहती थीं. मेरा छोटा कारोबार था. उसमें भैस और बकरी पालती थी. इन्हें बेचते भी थे.

पर 15 अक्टूबर 2016 की तड़के करीब साढ़े 4 बजे आज़म खान ने साज़िश के जरिए कुछ लोगों को मेरे घर पर भेजा. उन लोगों में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी और सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष ज़ुफर फारूकी भी शामिल थे.

इन लोगो ने मेरे पति को बुरी तरह से पीटा. इसके बाद घर के सामान में भी तोड़फोड़ की. इसके साथ ही घर से बकरी, भैंस और बछड़ा उठाकर ले गए. इसके अलावा आजम खान के लोगों ने घर से दो नेकलेस, दो बालियां, सोने की एक अंगूठी और पायल भी लूटकर ले गए थे. फिर घर पर ही बुलडोजर चलाकर सबकुछ खत्म कर डाला. वे लोग कह रहे थे कि इसी जगह पर आजम खान का स्कूल बनेगा. उस समय एफआईआर लिखवाने थाने आई तो उल्टे डांटकर भगा दिया गया था.


किताबों और शेरों की मूर्तियों की चोरी का भी आरोप : आजम खान पर रामपुर रियासतकालीन क्लब से कीमती मूर्तियों और किताबें चुराने का भी मामला है. कहा जाता है कि सपा सरकार के कार्यकाल में क्लब से शेरों की मूर्तियां और दूसरी महंगी वस्तुएं गायब हुईं थीं.

इसके बाद जब पुलिस ने आजम खान की बनवाई हुई जौहर यूनिवर्सिटी की मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी में छापेमारी की थी तब चोरी की पुरानी और महंगी किताबें मिली थईं. इसके अलावा यूनिवर्सिटी में ही चुराई गई शेरों की मूर्तियां भी मिली थीं. इस मामले में रामपुर के थाना गंज में एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

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